Chaitra Amavasya 2025 : चैत्र अमावस्या के दिन कैसे करें पितरों को प्रसन्न, जानें पूजा विधि और महत्व

By Tatkaal Khabar / 27-03-2025 03:24:51 am | 1100 Views | 0 Comments
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Chaitra Amavasya 2025 : चैत्र अमावस्या हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने की अमावस्या तिथि होती है.इसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन पितरों को तर्पण, दान और स्नान का विशेष महत्व होता है. चैत्र अमावस्या के दिन हनुमान जी और भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी होती है. इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से संकटों से मुक्ति मिलती है.


अमावस्या तिथि को नकारात्मक शक्तियां सक्रिय मानी जाती हैं. इसलिए, इस दिन विशेष रूप से दीप जलाकर, मंत्र जाप और हवन करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चैत्र अमावस्या पर ग्रह दोष, विशेष रूप से शनि दोष और पितृ दोष को शांत करने के लिए उपाय किए जाते हैं। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा, तर्पण, और दान करने से जीवन में शुभता आती है।

चैत्र अमावस्या कब है? Chaitra Amavasya 2025 Date
पंचांग के अनुसार, चैत्र अमावस्या या भूतड़ी अमावस्या तिथि 28 मार्च को रात 07 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन यानी 29 मार्च की शाम 04 बजकर 27 मिनट पर इसका समापन होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 29 मार्च को चैत्र अमावस्या मनाई जाएगी.