दिल टूटा, शादी टूटी… लेकिन जज़्बा नहीं: स्मृति मंधाना ने मुश्किल दौर को हराकर RCB को दिलाया WPL 2026 का खिताब
वडोदरा | 6 फरवरी 2026 भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने यह साबित कर दिया कि निजी जीवन की परेशानियां अगर हौसले के आगे आ जाएं, तो हार मान लेती हैं। महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के फाइनल में स्मृति ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को खिताब दिलाया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 41 गेंदों में 87 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 12 चौके और तीन छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी ने टीम को दबाव से बाहर निकालते हुए जीत की ओर पहुंचाया। फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली की टीम ने 20 ओवर में चार विकेट खोकर 203 रन बनाए। दिल्ली की ओर से जेमिमा रोड्रिग्स ने 57 रन की अहम पारी खेली, जबकि लॉरा वोल्वार्ड्ट ने 44 और चिनेल हेनरी ने नाबाद 35 रन बनाए। RCB की गेंदबाजी में लॉरेन बेल ने किफायती प्रदर्शन किया, जबकि सयाली सतघरे, अरुंधति रेड्डी और नदिन डी क्लर्क को एक-एक सफलता मिली। लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB को शुरुआती झटका लगा, लेकिन इसके बाद स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल ने 165 रन की यादगार साझेदारी कर मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। वॉल ने 79 रन बनाए और RCB ने 19.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस बड़ी जीत के पीछे सिर्फ स्मृति का खेल ही नहीं, बल्कि उनका मानसिक साहस भी था। हाल ही में वह अपने निजी जीवन के एक बेहद कठिन दौर से गुजर रही थीं। उनकी और संगीतकार पलाश मुछाल की शादी, जो 23 नवंबर को होने वाली थी, पहले टली और बाद में रद्द कर दी गई। सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाओं के बीच स्मृति ने 17 दिन बाद चुप्पी तोड़ी और इंस्टाग्राम पर साफ शब्दों में लिखा, “पिछले कुछ सप्ताह से मेरे जीवन को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं और मुझे लगता है कि इस समय मेरे लिए खुलकर बोलना जरूरी है। मैं बहुत निजी इंसान हूं और मैं इसे इसी तरह रखना चाहती हूं, लेकिन मुझे यह स्पष्ट करना होगा कि शादी रद्द कर दी गई है। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इस समय दोनों परिवारों की निजता का सम्मान करें और हमें अपनी गति से आगे बढ़ने का समय दें।” उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका पूरा ध्यान क्रिकेट और देश के लिए ट्रॉफियां जीतने पर रहेगा। स्मृति ने अपने शब्दों को मैदान पर अपने प्रदर्शन से सच कर दिखाया। व्यक्तिगत दुख को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने न सिर्फ टीम का नेतृत्व किया, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया। वह इस सीजन की टॉप स्कोरर रहीं और ऑरेंज कैप अपने नाम की। नौ पारियों में 377 रन, तीन अर्धशतक और 153 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट |ये आंकड़े उनकी मेहनत और मानसिक मजबूती की कहानी कहते हैं। प्लेयर ऑफ द फाइनल का पुरस्कार भी उन्हें मिला। स्मृति मंधाना की यह कहानी सिर्फ एक खिताब जीतने की नहीं, बल्कि यह सीख देती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो हर चुनौती को हराया जा सकता है। दिल टूटा, पर इरादे मजबूत: स्मृति मंधाना ने दर्द को ताकत बनाकर RCB को WPL खिताब दिलाया भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने निजी जीवन के कठिन दौर के बीच महिला प्रीमियर लीग 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने 41 गेंदों में 87 रन की दमदार पारी खेली और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को WPL खिताब तक पहुंचाया। उनकी इस पारी ने यह साफ कर दिया कि मैदान पर उनका फोकस और जज्बा पूरी तरह मजबूत है। दिल्ली की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 203 रन बनाए। जवाब में RCB की शुरुआत लड़खड़ाई, लेकिन इसके बाद स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल ने मैच का रुख पलट दिया। दोनों के बीच 165 रन की बड़ी साझेदारी हुई, जिससे RCB ने 19.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर छह विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के पीछे स्मृति की मानसिक मजबूती भी एक बड़ी वजह रही। हाल ही में उनकी शादी रद्द होने की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इस पर स्मृति ने सोशल मीडिया पर साफ कहा था, “पिछले कुछ सप्ताह से मेरे जीवन को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं और मुझे लगता है कि इस समय मेरे लिए खुलकर बोलना जरूरी है।” उन्होंने यह भी कहा था कि शादी रद्द हो चुकी है और सभी से परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की थी। स्मृति की यह कहानी सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है। निजी टूटन के बावजूद उन्होंने न सिर्फ अपनी टीम को चैंपियन बनाया, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाते हुए ऑरेंज कैप और प्लेयर ऑफ द फाइनल का खिताब भी जीता। यह साबित हो गया कि जब हौसला मजबूत हो, तो कोई भी चुनौती रास्ता नहीं रोक सकती।