सिंगापुर दौरे से यूपी को निवेश की बड़ी सौगात, 6,650 करोड़ के एमओयू से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
लखनऊ | 23 फरवरी 2026 योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे की शुरुआत उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी आर्थिक उपलब्धि के साथ हुई है। दौरे के पहले ही दिन यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ 6,650 करोड़ रुपये के तीन अहम एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और 20 हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इन समझौतों के तहत ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी तथा तेजी से मजबूत होते औद्योगिक ढांचे की जानकारी दी। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्तर पर सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और डेटा सेंटर परियोजना के लिए उन्हें लखनऊ आने का भी निमंत्रण दिया। पहली परियोजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में, जेवर एयरपोर्ट के पास करीब 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में 3,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 12 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के 2027 से शुरू होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, कानपुर–लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ में लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किया जाएगा, जिसमें 650 करोड़ रुपये का निवेश होगा और करीब 7,500 रोजगार सृजित होंगे। वहीं, नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क बनेगा। इस पर 2,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे और करीब 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह परियोजना 2028 तक शुरू होने की संभावना है। सिंगापुर दौरे से यूपी को निवेश की बड़ी सौगात, 6,650 करोड़ के एमओयू से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे की शुरुआत उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी आर्थिक उपलब्धि के साथ हुई है। दौरे के पहले ही दिन यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ 6,650 करोड़ रुपये के तीन अहम एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और 20 हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इन समझौतों के तहत ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी तथा तेजी से मजबूत होते औद्योगिक ढांचे की जानकारी दी। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्तर पर सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और डेटा सेंटर परियोजना के लिए उन्हें लखनऊ आने का भी निमंत्रण दिया। पहली परियोजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में, जेवर एयरपोर्ट के पास करीब 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में 3,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 12 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के 2027 से शुरू होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, कानपुर–लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ में लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किया जाएगा, जिसमें 650 करोड़ रुपये का निवेश होगा और करीब 7,500 रोजगार सृजित होंगे। वहीं, नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क बनेगा। इस पर 2,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे और करीब 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह परियोजना 2028 तक शुरू होने की संभावना है।