सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ, पीएम मोदी ने साझा कीं ऐतिहासिक स्मृतियां

By Tatkaal Khabar / 08-01-2026 06:17:19 am | 125 Views | 0 Comments
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सोमनाथ (गुजरात) | 8 जनवरी 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास और उसके पुनर्निर्माण से जुड़े स्मरणीय क्षणों को साझा करते हुए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में 1951 में हुए भव्य उद्घाटन समारोह के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं और इसी ऐतिहासिक स्मृति को सम्मान देने के लिए यह पर्व आयोजित किया जा रहा है। पीएम मोदी ने याद किया कि 31 अक्तूबर 2001 को उन्होंने सोमनाथ में आयोजित उस कार्यक्रम में भाग लिया था, जब मंदिर के पुनर्निर्माण के 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया था। उन्होंने बताया कि 1951 का ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में संपन्न हुआ था, जो भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना। प्रधानमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल, केएम मुंशी सहित उन सभी महान विभूतियों को नमन किया, जिनके प्रयासों से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण संभव हो सका। उन्होंने यह भी स्मरण किया कि 2001 के समारोह में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी और अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही थी। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पीएम मोदी ने लिखा कि जनवरी 1026 में हुए पहले आक्रमण से लेकर बाद के कई हमलों तक, सोमनाथ की आस्था और सभ्यतागत चेतना कभी टूट नहीं सकी। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि यदि वे कभी सोमनाथ गए हों, तो अपनी तस्वीरें #SomnathSwabhimanParv के साथ साझा करें। 8 से 11 जनवरी तक आयोजित हो रहे इस पर्व का समापन 11 जनवरी को होगा, जिसमें प्रधानमंत्री स्वयं भी शामिल होंगे। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ: पीएम मोदी ने मंदिर के गौरवशाली इतिहास और पुनर्निर्माण की विरासत को किया याद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में 1951 में हुए मंदिर के भव्य पुनर्निर्माण उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं और इसी ऐतिहासिक अवसर को स्मरण करने के लिए इस पर्व का आयोजन किया जा रहा है। यह पर्व उन लोगों के सम्मान का प्रतीक है, जिन्होंने सिद्धांतों से समझौता किए बिना भारत की सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखा। पीएम मोदी ने 31 अक्तूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित उस कार्यक्रम को भी याद किया, जब पुनर्निर्मित मंदिर के 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया था। उन्होंने कहा कि 1951 का ऐतिहासिक समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में संपन्न हुआ था, जिसने देश के सांस्कृतिक आत्मविश्वास को नई दिशा दी। प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में योगदान देने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल, केएम मुंशी सहित अनेक महान नेताओं और व्यक्तित्वों को नमन किया। उन्होंने यह भी स्मरण किया कि वर्ष 2001 के आयोजन में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी और कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 1026 में हुए पहले आक्रमण और उसके बाद के अनेक हमलों के बावजूद सोमनाथ की आस्था कभी नहीं टूटी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि यदि वे सोमनाथ गए हैं, तो अपनी यादगार तस्वीरें साझा करें। यह पर्व 8 से 11 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 11 जनवरी को प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे।