नीट पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का बड़ा बयान, बोली-खुद प्रधानमंत्री मोदी रख रहे है पैनी नजर

By Tatkaal Khabar / 30-05-2026 11:06:01 am | 155 Views | 0 Comments
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देशभर में चर्चा का विषय बने नीट पेपर लीक मामले को लेकर अब केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की जा रही है.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की. अदालत ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और भरोसेमंद होनी चाहिए. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि मेहनत करने वाले छात्रों का विश्वास सिस्टम से न टूटे.

इससे पहले अदालत ने सरकार से पूछा कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इस पर केंद्र सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि सरकार मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और खुद प्रधानमंत्री इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए कई स्तरों पर बदलाव किए जा रहे हैं. प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डिजिटल मॉनिटरिंग, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और तकनीकी व्यवस्था को पहले से ज्यादा सख्त बनाया जा रहा है. इसके अलावा जांच एजेंसियां भी लगातार कार्रवाई कर रही हैं ताकि पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों पर सख्त कदम उठाए जा सकें.

सरकार ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. यही वजह है कि पूरे मामले की लगातार समीक्षा की जा रही है.

बता दें कि नीट देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है. हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर इस परीक्षा में शामिल होते हैं. ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों की मेहनत और मानसिक स्थिति दोनों पर बड़ा असर डालती हैं. यही कारण है कि इस मुद्दे पर देशभर में लगातार बहस और विरोध देखने को मिल रहा है.

पेपर लीक मामले को लेकर विपक्षी दल भी सरकार पर सवाल उठा चुके हैं. कई नेताओं ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर चिंता जताई थी. हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए बड़े सुधार लागू किए जाएंगे.