बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पशुधन सुरक्षा की तैयारी तेज
लखनऊ, सितंबर 03, 2026 उत्तर प्रदेश में बारिश और जलभराव के बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ पशुधन की सुरक्षा को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जलभराव वाले इलाकों में सांप, बिच्छू और अन्य कीड़ों से होने वाले खतरे को देखते हुए अस्पतालों में जरूरी दवाओं और टीकों की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा, “चिकित्सालयों में ये व्यवस्था की गई है कि सीजन में जल ही जल होने के नाते बिच्छू या अन्य कीड़ों का भय रहता है। सरकार ने पहले से हर चिकित्सालय में एंटी वेनम, एंटी स्नेक वेनम की व्यवस्था की है, एंटी रेबीज के वैक्सीन की व्यवस्था की है, पर्याप्त दवा की व्यवस्था भी की है।” उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों को उपचार की सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “हर जगह सीएससी में, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में ये सुविधा पीड़ितों को उपलब्ध हो जाएगी।” बाढ़ से प्रभावित गांवों में पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए भी सरकार की ओर से व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने, उनका टीकाकरण कराने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम लोगों का पूरा प्रयास है कि जिन क्षेत्रों में गांव में पानी घुस गया है, वहां पशुधन को भी नुकसान न हो। पशुओं के लिए चारा, उनको वैक्सीनेट, वैक्सीन उपलब्ध करवाना, दवा भी पशुओं को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था हो, ये पूरी तैयारी हर एक क्षेत्र में युद्ध स्तर पर चल रही है।” बाढ़ और जलभराव की स्थिति में लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ पशुधन को सुरक्षित रखना प्रशासन के सामने अहम चुनौती है। सरकार का फोकस प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं, जरूरी दवाओं और टीकों की उपलब्धता बनाए रखने के साथ पशुओं के लिए चारा और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन सभी व्यवस्थाओं को हर प्रभावित क्षेत्र में युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।