मुख्यमंत्री की केन्द्रीय बाढ़ आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक
लखनऊ: 13 दिसम्बर, 2018
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगांे को समय पर सहायता उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सम्मिलित है। इसके लिए आवश्यक है कि आकलन की रिपोर्ट केन्द्र सरकार को समय पर उपलब्ध करायी जाए। मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन में बाढ़ प्रभावित जनपदों का स्थलीय निरीक्षण/क्षति आकलन करने के लिए आए केन्द्रीय बाढ़ आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी आपदा की पहली रिपोर्ट 07 दिन तथा दूसरी रिपोर्ट 15 दिन के अन्दर भेजना सुनश्चिित करें, जिससे प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा उपलब्ध हो सके। बाढ़ से प्रभावित लोगों को समय से सहायता उपलब्ध कराए जाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक है कि सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा यथासमय क्षति का आकलन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस वर्ष आयी बाढ़ का आकलन कर संशोधित मेमोरेण्डम शीघ्र भेज दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित अतिसंवेदनशील जनपदों में किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक किया जाए। क्योंकि ऐसे जनपदों में किसान खाद व कीटनाशक का प्रयोग नहीं करते हैं। ऐसे क्षेत्रों के लिए जैविक खेती एक अच्छा विकल्प है।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री निधि खरे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी विकास नितिन रमेश गोकर्ण, राहत आयुक्त जी0एस0 प्रियदर्शी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।