दिल्ली पुलिस ने पांच राज्यों में फैले ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 50 करोड़ की खेप समेत सात गिरफ्तार
नई दिल्ली | 8 फरवरी 2026 दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पांच राज्यों में फैले मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का खुलासा कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब 48 किलो मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनकी कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि गिरोह मादक पदार्थ के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को हासिल करता था और विभिन्न राज्यों में चिकित्सकीय पर्चे के बिना प्रतिबंधित दवाओं की अवैध री-पैकेजिंग और बिक्री करता था। जांच पिछले साल सितंबर में शुरू हुई थी, जब दिल्ली के लाजपत नगर से अनिरुद्ध राय नामक संदिग्ध के कब्जे से लगभग दो किलोग्राम ट्रामाडोल बरामद हुआ। इसके बाद तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर आगे की जांच में पता चला कि यह एक बड़ा नेटवर्क है। उत्तर प्रदेश से मनोज राय, फिर दिल्ली से किशन पाल उर्फ भुल्लर और कृष्ण तंवर को गिरफ्तार किया गया। हरियाणा निवासी मनोज कुमार को सिंघु बॉर्डर के पास पकड़ने के दौरान उसके वाहन से 5 किलोग्राम ट्रामाडोल बरामद हुआ। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छापेमारी के दौरान दो और आरोपी प्रशांत और अमित को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से प्रतिबंधित दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई किलोग्राम पाउडरनुमा मादक पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और आपूर्ति करने वालों की पहचान की जा रही है। पुलिस के अनुसार, अनिरुद्ध राय फरीदाबाद में पैकेजिंग फैक्ट्री चलाता था और साइकोट्रॉपिक टैबलेट्स की सप्लाई करता था। मनोज राय उसके रिश्तेदार हैं और अवैध पाउडर की खरीद-बिक्री में शामिल थे। किशनपाल उर्फ भुल्लर, कृष्ण तंवर और मनोज कुमार भी साइकोट्रॉपिक दवाओं की तस्करी में सक्रिय रहे हैं। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई देशभर में मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली पुलिस ने 50 करोड़ की ड्रग खेप सहित पांच राज्यों में तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, सात गिरफ्तार दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पांच राज्यों में फैले मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब 48 किलो मादक पदार्थ बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत 50 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने कहा कि यह गिरोह मादक पदार्थ बनाने वाले कच्चे माल को हासिल कर अवैध री-पैकेजिंग और बिक्री करता था। जांच सितंबर 2025 में दिल्ली के लाजपत नगर से अनिरुद्ध राय को ट्रामाडोल की खेप के साथ पकड़े जाने के बाद शुरू हुई। तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर पता चला कि यह एक बड़ा नेटवर्क है। इसके बाद उत्तर प्रदेश से मनोज राय, दिल्ली से किशन पाल उर्फ भुल्लर और कृष्ण तंवर को गिरफ्तार किया गया। हरियाणा निवासी मनोज कुमार को पकड़ते समय उसके वाहन से 5 किलोग्राम ट्रामाडोल बरामद हुआ। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छापेमारी के दौरान दो और आरोपियों, प्रशांत और अमित को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से प्रतिबंधित दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई किलोग्राम पाउडरनुमा मादक पदार्थ बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और सप्लायरों की पहचान की जा रही है। पुलिस के अनुसार, अनिरुद्ध राय फरीदाबाद में पैकेजिंग फैक्ट्री चलाता था और अवैध साइकोट्रॉपिक टैबलेट्स की सप्लाई करता था। मनोज राय उसके रिश्तेदार हैं और पाउडर की अवैध खरीद-बिक्री में शामिल थे। किशनपाल उर्फ भुल्लर, कृष्ण तंवर और मनोज कुमार भी नेटवर्क के सक्रिय सदस्य रहे। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई मादक पदार्थ आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।