राज्य

यूपी में SIR प्रक्रिया को मिली एक माह की राहत, 6 मार्च तक दर्ज होंगी दावे-आपत्तियां

07-02-2026 / 0 comments

लखनऊ | 7 फरवरी 2026 उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR in UP) अभियान की समयसीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी गई है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 6 मार्च...

Arunachal Governor calls for stronger border roads, says connectivity is key to security and growth

07-02-2026 / 0 comments

Itanagar | 7 Feb 2026 Arunachal Pradesh Governor Lt Gen K T Parnaik on Saturday underlined the urgent need to strengthen border road infrastructure in the state, saying such roads are critical for national security as well as the daily lives of people living in frontier areas. He stressed that strategic roads act as lifelines and must be constructed with high quality and completed within set timelines. The governor made these remarks during a meeting with Director General of Border Roads Lt...

मेघालय कोयला खदान हादसा: 18 मजदूरों की मौत, कई के फंसे होने की आशंका; 24 घंटे बाद भी रेस्क्यू जारी

06-02-2026 / 0 comments

मेघालय | 6 फरवरी 2026 मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में स्थित मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके की कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को डायनामाइट विस्फोट...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में ‘संत सम्मेलन’ में किया प्रतिभाग

05-02-2026 / 0 comments

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित सप्तऋषि आश्रम मैदान (भारत माता मंदिर के समीप, सप्त सरोवर मार्ग) में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित सप्तऋषि आश्रम मैदान (भारत माता मंदिर के समीप, सप्त सरोवर मार्ग) में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक आप सभी संत-महात्मा, धर्मगुरु एवं श्रद्धालुजन, माँ गंगा के पावन तट पर स्थित सप्तऋषि क्षेत्र में एकत्र होकर राष्ट्र और संस्कृति के लिए अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों ने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रधर्म, सेवा, त्याग और करुणा के लिए समर्पित किया, वे केवल संन्यासी नहीं बल्कि राष्ट्र चेतना से जुड़े दिव्य संत थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मगिरी महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए ऐसा जीवन दर्शन प्रस्तुत किया, जिससे अनगिनत लोगों को सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली। उन्होंने भारत माता मंदिर की स्थापना कर सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का कार्य किया, जो आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केन्द्र बना हुआ है। वर्ष 1998 के कुंभ मेले में उन्हें आचार्य महामंडलेश्वर बनाया गया, जिसके बाद अब तक 10 लाख से अधिक नागा साधुओं को दीक्षा प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मगिरी महाराज की मूर्ति स्थापना नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बनेगी। संत परंपरा किसी एक पंथ या संप्रदाय तक सीमित न होकर वसुधैव कुटुंबकम के भाव से सम्पूर्ण विश्व को जोड़ने का कार्य करती है। सनातन धर्म मानव निर्मित नहीं, बल्कि शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है, जो समय के साथ चलता है और कभी पराजित नहीं होता। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त दंगारोधी कानून, तथा लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून की स्थापना की गई है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 28 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक उत्थान का नया युग प्रारंभ हुआ है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण तथा बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्य भारत को पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने कहा कि हरिद्वार में गंगा तट पर स्थित भारत माता मंदिर देश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 2027 के कुंभ मेले की तैयारियाँ की जा रही हैं और महाराज जी का जीवन निरंतर सद्कर्म और साधना से प्रेरित रहा। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत में बीते वर्षों में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल, थल और वायु मार्गों का तीव्र विकास हुआ है तथा युवा शक्ति देश को विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर कर रही है। संत समाज भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने और देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है। बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संतों का सान्निध्य जीवन के दुखों का समाधान है। भारत की पहचान सनातन संस्कृति से है। शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठ देश की आध्यात्मिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा एक है, उसकी अभिव्यक्ति विभिन्न आस्थाओं के माध्यम से होती है। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा, बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर श्री अवधेशानंद गिरी महाराज, शंकराचार्य श्री राजराजेश्वराश्रम महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद महाराज, महामंडलेश्वर विशोखानंद, श्रीमहंत देवानंद सरस्वती, श्रीमहंत नारायण गिरी महाराज, विधायक श्री मदन कौशिक, विधायक श्री प्रदीप बत्रा, राज्य मंत्री श्री विनय रोहिला, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री आशुतोष शर्मा, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पांडे, मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

05-02-2026 / 0 comments

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित सप्तऋषि आश्रम मैदान (भारत माता मंदिर के समीप, सप्त सरोवर मार्ग) में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर...