संपत्ति की लालच में खून का खेल: असंध में पोते ने दोस्तों संग दादा-दादी की हत्या की, मां भी साजिश में शामिल

By Tatkaal Khabar / 15-01-2026 08:16:50 am | 50 Views | 0 Comments
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असंध (हरियाणा) | 15 जनवरी 2026 — हरियाणा के करनाल जिले के असंध थाना क्षेत्र के रामनगर गांव में बुजुर्ग दंपती की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि 78 वर्षीय हरी सिंह नंबरदार और उनकी 75 वर्षीय पत्नी लीला देवी की हत्या किसी बाहरी लुटेरे ने नहीं, बल्कि उनके ही पोते रविंद्र ने दो दोस्तों के साथ मिलकर की थी। इस साजिश में रविंद्र की मां गीता देवी की भी सक्रिय भूमिका पाई गई है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, संपत्ति हड़पने की नीयत से मां-बेटे ने एक सप्ताह पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। रविवार रात रविंद्र अपने दो साथियों प्रदीप और गुलशन को तांबा चोरी का लालच देकर घर लाया। बुजुर्ग दंपती के हाथ-पैर बांधकर, मुंह पर टेप लगाकर उनकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद रविंद्र ने दादा के कुर्ते की जेब से चाबी निकालकर तिजोरी खोली और करीब 1.10 लाख रुपये निकाल लिए, जो उसने घर जाकर मां को सौंप दिए। गीता देवी ने यह रकम छिपा दी और किसी को शक न हो, इसका पूरा ध्यान रखा। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के समय गीता देवी घर में जाग रही थी। उसने बुजुर्गों की चीखें सुनीं, लेकिन जानबूझकर अनसुना कर दिया और किसी को भनक नहीं लगने दी। सुबह जब दूसरे पोते रोहित को घटना का पता चला तो मां-बेटा भी रोने का नाटक करने लगे, लेकिन सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और रविंद्र के हाथ पर चोट ने पुलिस का शक मजबूत कर दिया। पूछताछ में रविंद्र टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली। पुलिस ने गीता देवी की निशानदेही पर लूटी गई रकम, तिजोरी की चाबी और अन्य सामान बरामद कर लिया है। वहीं, हत्या में शामिल प्रदीप और गुलशन द्वारा छिपाए गए तांबे से भरे दो कट्टे भी बरामद कर लिए गए हैं। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। थाना प्रभारी नसीब सिंह ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह से सोची-समझी साजिश थी, जिसका मकसद बुजुर्ग दंपती की संपत्ति पर कब्जा करना था। मामले की आगे की जांच जारी लालच ने रिश्तों को किया शर्मसार: संपत्ति के लिए पोते ने रची दादा-दादी की हत्या, मां भी साजिश में शामिल असंध (हरियाणा) में सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रामनगर गांव में बुजुर्ग दंपती हरी सिंह और उनकी पत्नी लीला देवी की हत्या का राज खुलते ही पता चला कि इस वारदात के पीछे उनका ही पोता रविंद्र था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि रविंद्र की मां गीता देवी इस साजिश से पहले से वाकिफ थी और उसने बेटे का साथ दिया। पुलिस के मुताबिक, संपत्ति हड़पने की लालच में मां-बेटे ने पहले से हत्या की योजना बनाई थी। रविवार रात रविंद्र ने अपने दो दोस्तों को घर बुलाया और बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर उनकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद रविंद्र ने तिजोरी से नकदी निकाली और रुपये अपनी मां को सौंप दिए, ताकि किसी को शक न हो। जांच के दौरान सामने आया कि गीता देवी वारदात के समय घर में मौजूद थी। उसने बुजुर्गों की आवाजें सुनीं, लेकिन जानबूझकर अनदेखा किया और बाद में खुद को बेखबर दिखाने का नाटक करती रही। सुबह जब हत्या का खुलासा हुआ तो मां-बेटे दोनों ने रोने का दिखावा किया, लेकिन पुलिस के सामने उनकी साजिश ज्यादा देर छिप नहीं सकी। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और पूछताछ के बाद पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। मां-बेटे समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और लूटी गई नकदी व अन्य सबूत भी बरामद कर लिए गए हैं। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि लालच इंसान को किस हद तक गिरा सकता है।