ताइवान के आसपास चीन की बढ़ती सैन्य हलचल, 9 लड़ाकू विमान और 11 युद्धपोत ट्रैक; राष्ट्रपति लाई का सख्त संदेश
ताइपे | 15 जनवरी 2026 ताइवान और चीन के बीच जारी तनाव के बीच एक बार फिर क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में तेज़ी देखी गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उसके आसपास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 9 लड़ाकू विमान और 11 चीनी नौसैनिक जहाजों की गतिविधियां दर्ज की गई हैं। इस घटनाक्रम ने पूर्वी एशिया में सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन सभी नौ चीनी विमानों ने ताइवान और चीन के बीच मानी जाने वाली मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन (ADIZ) में प्रवेश किया। मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि सुबह 6 बजे (UTC+8) तक इन गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई और ताइवान की सेना ने स्थिति के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की सैन्य हलचल सामने आई हो। इससे एक दिन पहले भी ताइवान ने 20 PLA विमानों और 9 चीनी युद्धपोतों को अपने आसपास ट्रैक करने की जानकारी दी थी, जिनमें से 17 विमानों ने ADIZ में प्रवेश किया था। लगातार हो रही इन गतिविधियों से साफ है कि चीन क्षेत्र में सैन्य दबाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इस बीच, ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने चीन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि ताइवान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बीजिंग का बढ़ता दबाव इस बात का प्रमाण है कि चीन का अधिकार ताइवान तक नहीं फैलता। राष्ट्रपति लाई ने दो टूक कहा कि ताइवान, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का हिस्सा नहीं है और किसी भी तरह के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने हालिया कूटनीतिक घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संपर्क यह दर्शाते हैं कि रिपब्लिक ऑफ चाइना और PRC एक-दूसरे के अधीन नहीं हैं। ताइवान के पास चीन की सैन्य मौजूदगी तेज, 9 लड़ाकू विमान और 11 युद्धपोतों की हलचल से बढ़ा तनाव ताइवान और चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच क्षेत्र में एक बार फिर चीनी सेना की गतिविधियों में इजाफा दर्ज किया गया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसके आसपास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के 9 लड़ाकू विमान और 11 चीनी नौसैनिक जहाज देखे गए हैं। इन गतिविधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सभी 9 लड़ाकू विमानों ने ताइवान और चीन के बीच मानी जाने वाली मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन में प्रवेश किया। ताइवान की सेना ने स्थिति पर करीबी नजर रखते हुए समय रहते जरूरी जवाबी कदम उठाए। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब एक दिन पहले ही ताइवान ने 20 चीनी विमानों और 9 युद्धपोतों की मौजूदगी दर्ज की थी, जिनमें से अधिकांश विमानों ने ADIZ में प्रवेश किया था। लगातार हो रही इस तरह की सैन्य गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि चीन क्षेत्र में दबाव बनाने की अपनी रणनीति को और तेज कर रहा है। इस बीच, ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा बनाया जा रहा सैन्य और राजनीतिक दबाव यह साबित करता है कि ताइवान पर बीजिंग का कोई अधिकार नहीं है और ताइवान अपने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।