महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव: 29 में से 23 महानगरपालिकाओं में भाजपा की जीत, मुंबई में ठाकरे युग का अंत
मुंबई | 17 जनवरी 2026 महाराष्ट्र में हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति की तस्वीर बदल दी है। 29 महानगरपालिकाओं में हुए चुनावों में भाजपा ने 23 जगहों पर जीत दर्ज कर शहरी महाराष्ट्र में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। सबसे बड़ी बात यह रही कि देश की सबसे अमीर नगर संस्था बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में भाजपा पहली बार महापौर बनाने जा रही है। इसके साथ ही करीब तीन दशक से चला आ रहा ठाकरे परिवार का दबदबा खत्म हो गया है। मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे का साथ आना भी भाजपा को रोक नहीं सका। 227 सदस्यीय बीएमसी सदन में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए 118 सीटें जीत लीं। अकेले भाजपा को 89 सीटें मिलीं, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना को 29 सीटें हासिल हुईं। कांग्रेस ने 24 सीटें जीतीं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी), मनसे और एनसीपी (शरद पवार) के गठबंधन को कुल 72 सीटें मिलीं। वहीं, एआईएमआईएम ने 8 और सपा ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की। राज्य के अन्य बड़े शहरों—ठाणे, पुणे और नासिक—में भी भाजपा-शिवसेना गठबंधन को साफ बढ़त मिली है। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में भाजपा ने पवार परिवार की पार्टियों को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की। लातूर, भिवंडी, चंद्रपुर, परभणी, वसई-विरार और मालेगांव को छोड़कर बाकी सभी नगर निगमों में कहीं भाजपा अकेले तो कहीं सहयोगियों के साथ सत्ता में रहेगी। भाजपा के 45 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब बीएमसी में उसका महापौर बनेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जीत को विकास के एजेंडे और व्यापक हिंदुत्व पर जनता के भरोसे की जीत बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा शहरों का विकास करेगी और आम लोगों के जीवन में बदलाव लाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महाराष्ट्र की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि इन नतीजों से एनडीए और जनता के बीच का रिश्ता और मजबूत हुआ है। वहीं, कांग्रेस को लातूर, चंद्रपुर और भिवंडी-निजामपुर में जीत मिली, जबकि मालेगांव नगर निगम में एक स्थानीय पार्टी सबसे बड़ी बनकर उभरी। महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव: 23 महानगरपालिकाओं में भाजपा की बड़ी जीत| महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए 29 में से 23 महानगरपालिकाओं में जीत दर्ज की है। इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि शहरी इलाकों में भाजपा की पकड़ पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है। विधानसभा चुनाव के बाद यह जीत पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश मानी जा रही है। सबसे अहम नतीजा मुंबई से सामने आया, जहां बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में भाजपा पहली बार महापौर बनाने जा रही है। करीब 30 साल से चल रहा ठाकरे परिवार का दबदबा खत्म हो गया है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का साथ आना भी भाजपा को बहुमत से रोक नहीं सका। 227 सीटों वाले सदन में भाजपा नीत गठबंधन ने बहुमत पार कर लिया। पुणे, ठाणे और नासिक जैसे बड़े शहरों में भी भाजपा-शिवसेना गठबंधन को साफ बढ़त मिली है। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में भाजपा ने पवार परिवार की पार्टियों को हराकर बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। ज्यादातर नगर निगमों में अब भाजपा या तो अकेले या सहयोगियों के साथ सत्ता में रहेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे विकास और भरोसे की जीत बताया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जनकल्याण और सुशासन के एजेंडे पर जनता की मुहर है। कांग्रेस को कुछ ही नगर निगमों में सफलता मिली, जबकि कई क्षेत्रों में क्षेत्रीय दलों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।