शंकराचार्य विवाद के बीच बाबा रामदेव का बड़ा संदेश: “सनातनी आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं”
प्रयागराज | 24 जनवरी 2026 माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद के बीच योग गुरु बाबा रामदेव का एक बयान चर्चा में आ गया है। गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए बाबा रामदेव ने सनातन समाज में बढ़ते आपसी टकराव पर चिंता जताई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सनातनी आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं। हमारे पहले से ही भारत विरोध, सनातन विरोधी दुश्मन हैं।” बाबा रामदेव ने साफ कहा कि जब देश और सनातन पर बाहरी खतरे मौजूद हैं, तब संतों और सनातनियों को आपस में नहीं उलझना चाहिए। गाय संरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए बाबा रामदेव ने कहा, “गायों को बचाना सभी हिंदुओं की साझा जिम्मेदारी है। गायों को सिर्फ नारेबाजी से नहीं बचाया जा सकता।” उन्होंने सुझाव दिया कि संतों और बड़े आश्रमों को आगे आकर गायों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा, “सभी संतों को 5-10 हजार गायों को पालना चाहिए… पतंजलि पीठ एक लाख गायों की देखभाल कर रही है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि शंकराचार्यों को भी अपने आश्रमों में गायों की सेवा करनी चाहिए। बाबा रामदेव ने राजनीतिक संदर्भ में भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “ये देश विरोधी तत्व पीएम मोदी और अमित शाह को नुकसान पहुंचाने के लिए सबकुछ कर रहे हैं।” साथ ही उन्होंने संतों से अपील की कि वे नेताओं के खिलाफ मन में नाराजगी न रखें और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, सनातन समाज की एकजुटता ही बाहरी चुनौतियों का सही जवाब है। इससे पहले प्रयागराज के माघ मेले में संगम स्नान के दौरान भी बाबा रामदेव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई बदसलूकी पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे अपने योगियों और पूजनीय संतों को भी अपमानजनक या अपशब्दों का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि तीर्थस्थलों पर विवाद नहीं होना चाहिए और जो साधु अहंकार छोड़ दे, वही सच्चा साधु होता है। बाबा रामदेव ने अंत में कहा, “सनातन के शत्रु तो बाहर ही बहुत हैं तो कम से कम हम आपस में न लड़ें।” शंकराचार्य विवाद के बीच बाबा रामदेव का बड़ा संदेश: “सनातनी आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं” माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद के बीच योग गुरु बाबा रामदेव का बयान सुर्खियों में है। गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सनातन समाज में बढ़ती आपसी खींचतान पर चिंता जताते हुए कहा, “सनातनी आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं। हमारे पहले से ही भारत विरोध, सनातन विरोधी दुश्मन हैं।” उनका कहना था कि ऐसे समय में संतों और समाज को एकजुट रहने की जरूरत है। गाय संरक्षण को लेकर बाबा रामदेव ने कहा, “गायों को बचाना सभी हिंदुओं की साझा जिम्मेदारी है। गायों को सिर्फ नारेबाजी से नहीं बचाया जा सकता।” उन्होंने सुझाव दिया कि संतों और आश्रमों को आगे आकर गायों की देखभाल करनी चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने कहा, “सभी संतों को 5-10 हजार गायों को पालना चाहिए… पतंजलि पीठ एक लाख गायों की देखभाल कर रही है।” राजनीतिक माहौल पर बोलते हुए बाबा रामदेव ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “ये देश विरोधी तत्व पीएम मोदी और अमित शाह को नुकसान पहुंचाने के लिए सबकुछ कर रहे हैं।” उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे नेताओं के प्रति मन में नाराजगी न रखें और देश व सनातन हित को सर्वोपरि मानें। इससे पहले प्रयागराज के माघ मेले में संगम स्नान के दौरान भी बाबा रामदेव ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे अपने योगियों और पूजनीय संतों को भी अपमानजनक या अपशब्दों का सामना करना पड़ता है।” साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा, “सनातन के शत्रु तो बाहर ही बहुत हैं तो कम से कम हम आपस में न लड़ें।”