उत्तराखंड में पंचायत व्यवस्था को मजबूती: पंचायत घरों के निर्माण के लिए सरकार देगी दोगुनी राशि

By Tatkaal Khabar / 25-01-2026 06:35:08 am | 8 Views | 0 Comments
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देहरादून | 25 जनवरी 2026 उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अब पंचायत घरों के निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली धनराशि को दोगुना करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पंचायती राज विभाग ने यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। वर्तमान में राज्य सरकार पंचायत घरों के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की सहायता देती है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से इस मद में 20 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। कम राज्य सहायता के कारण कई जगह पंचायत घरों का निर्माण अधूरा रह जाता है या शुरू ही नहीं हो पाता। इसी असमानता को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र के बराबर 20 लाख रुपये देने की योजना बनाई है। पंचायती राज विभाग के उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी के अनुसार, पंचायत घरों के निर्माण के लिए धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1300 से अधिक पंचायत घरों का निर्माण होना है। राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी 803 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां आज तक पंचायत घर नहीं बन पाए हैं। इसके अलावा कई ग्राम पंचायतों में पुराने पंचायत भवन जर्जर हालत में हैं, जिनके पुनर्निर्माण की भी जरूरत है। विभाग ने सभी जिलों के पंचायत राज अधिकारियों से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सरकार का मानना है कि धनराशि बढ़ने से पंचायत घरों का निर्माण तेजी से होगा और ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित किया जा उत्तराखंड में पंचायत भवनों को मिलेगी नई रफ्तार: अब निर्माण के लिए दोगुनी सहायता देगी सरकार उत्तराखंड सरकार ने ग्राम पंचायतों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंचायत घरों के निर्माण के लिए दी जाने वाली राज्य सहायता राशि को दोगुना करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा, जिससे प्रदेश की कई पंचायतों को राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल राज्य सरकार पंचायत घर बनाने के लिए 10 लाख रुपये देती है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की सहायता मिलती है। कम राज्य हिस्सेदारी के कारण कई जगह पंचायत भवनों का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार ने केंद्र की तर्ज पर राज्य से भी 20 लाख रुपये देने की योजना बनाई है, ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरे हो सकें। पंचायती राज विभाग के उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी के अनुसार, इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1300 से अधिक पंचायत घरों का निर्माण होना है। राज्य गठन के 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी 803 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां अभी तक पंचायत घर नहीं बन पाए हैं। इसके अलावा कई गांवों में पुराने पंचायत भवन जर्जर स्थिति में हैं और उनकी मरम्मत या नए निर्माण की जरूरत है। इस स्थिति को देखते हुए सभी जिलों के पंचायत राज अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। सरकार का मानना है कि धनराशि बढ़ने से पंचायत भवनों का निर्माण तेजी से होगा और गांव स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।