एआई इम्पैक्ट समिट में भारत की गूंज, पीएम मोदी बोले—युवा प्रतिभा मानवता के लिए वरदान
नई दिल्ली | 23 फरवरी 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि हाल ही में आयोजित एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में भारत की तकनीकी क्षमता की दुनिया भर में सराहना हुई है। उन्होंने इसे भारतीय युवाओं की सोच और नवाचार का प्रमाण बताया, जो भविष्य में पूरी मानवता के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा अपने संदेश में लिखा, "दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक एआई समिट में पूरी दुनिया ने भारत की क्षमता की दिल खोलकर सराहना की। यह दर्शाता है कि तकनीक के क्षेत्र में हमारे युवा टैलेंट की सोच पूरी मानवता के लिए बहुत लाभकारी साबित होने वाली है।" उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ तकनीक अपनाने वाला देश नहीं, बल्कि दिशा दिखाने वाला राष्ट्र बन रहा है। पिछले सप्ताह नई दिल्ली में हुए एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का समापन "एआई इम्पैक्ट पर नई दिल्ली घोषणा" को अपनाने के साथ हुआ। इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जहां जिम्मेदार और समावेशी एआई के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। इस घोषणा को 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला है। यह समर्थन इस बात का संकेत है कि आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए एआई के उपयोग पर वैश्विक स्तर पर सहमति बन रही है, और इसमें भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही एआई इम्पैक्ट समिट में भारत की गूंज, पीएम मोदी बोले—युवा प्रतिभा मानवता के लिए वरदान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि हाल ही में आयोजित एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में भारत की तकनीकी क्षमता की दुनिया भर में सराहना हुई है। उन्होंने इसे भारतीय युवाओं की सोच और नवाचार का प्रमाण बताया, जो भविष्य में पूरी मानवता के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा अपने संदेश में लिखा, "दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक एआई समिट में पूरी दुनिया ने भारत की क्षमता की दिल खोलकर सराहना की। यह दर्शाता है कि तकनीक के क्षेत्र में हमारे युवा टैलेंट की सोच पूरी मानवता के लिए बहुत लाभकारी साबित होने वाली है।" उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ तकनीक अपनाने वाला देश नहीं, बल्कि दिशा दिखाने वाला राष्ट्र बन रहा है। पिछले सप्ताह नई दिल्ली में हुए एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का समापन "एआई इम्पैक्ट पर नई दिल्ली घोषणा" को अपनाने के साथ हुआ। इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जहां जिम्मेदार और समावेशी एआई के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। इस घोषणा को 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला है। यह समर्थन इस बात का संकेत है कि आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए एआई के उपयोग पर वैश्विक स्तर पर सहमति बन रही है, और इसमें भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।