प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बंगाल के मतदाताओं को खुला पत्र, बदलाव की अपील के साथ कई मुद्दों पर सीधा संदेश

By Tatkaal Khabar / 23-02-2026 02:18:20 am | 70 Views | 0 Comments
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दिल्ली | 23 फरवरी 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को एक खुला पत्र लिखकर राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। पत्र की शुरुआत उन्होंने “जय मां काली” से करते हुए की और ‘एबार भाजपा सरकार’ का नारा दिया। उन्होंने लिखा कि सोनार बंगाल का सपना देखने वाला हर नागरिक आज निराश है और मौजूदा हालात में बदलाव जरूरी हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में लिया गया फैसला आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेगा। पत्र में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार पर कुशासन, तुष्टिकरण और महिलाओं की असुरक्षा जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि माताएं और बहनें खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं और युवाओं को रोजगार के लिए राज्य छोड़ना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में जनकल्याण और समग्र विकास को प्राथमिकता दी है, जिसके सकारात्मक नतीजे देशभर में दिख रहे हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि राज्य सरकार के सहयोग के बिना भी पश्चिम बंगाल के करीब पांच करोड़ लोग जन-धन योजना से जुड़े हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाखों शौचालय बने, उज्ज्वला योजना से करोड़ों परिवारों को गैस कनेक्शन मिला और अटल पेंशन योजना से बड़ी संख्या में बुजुर्गों को लाभ हुआ। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि और छोटे व्यापारियों को दिए गए ऋण से लोगों की जिंदगी में सुधार आया है। प्रधानमंत्री ने अवैध घुसपैठ, नकली वोटरों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने लिखा कि स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती आज अराजकता से जूझ रही है। पत्र के अंत में उन्होंने मतदाताओं से बदलाव के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल भी विकास और सुशासन का उतना ही हकदार है, जितना देश के अन्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बंगाल के मतदाताओं को खुला पत्र, बदलाव की अपील के साथ कई मुद्दों पर सीधा संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को एक खुला पत्र लिखकर राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। पत्र की शुरुआत उन्होंने “जय मां काली” से करते हुए की और ‘एबार भाजपा सरकार’ का नारा दिया। उन्होंने लिखा कि सोनार बंगाल का सपना देखने वाला हर नागरिक आज निराश है और मौजूदा हालात में बदलाव जरूरी हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में लिया गया फैसला आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेगा। पत्र में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार पर कुशासन, तुष्टिकरण और महिलाओं की असुरक्षा जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि माताएं और बहनें खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं और युवाओं को रोजगार के लिए राज्य छोड़ना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में जनकल्याण और समग्र विकास को प्राथमिकता दी है, जिसके सकारात्मक नतीजे देशभर में दिख रहे हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि राज्य सरकार के सहयोग के बिना भी पश्चिम बंगाल के करीब पांच करोड़ लोग जन-धन योजना से जुड़े हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाखों शौचालय बने, उज्ज्वला योजना से करोड़ों परिवारों को गैस कनेक्शन मिला और अटल पेंशन योजना से बड़ी संख्या में बुजुर्गों को लाभ हुआ। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि और छोटे व्यापारियों को दिए गए ऋण से लोगों की जिंदगी में सुधार आया है। प्रधानमंत्री ने अवैध घुसपैठ, नकली वोटरों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने लिखा कि स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती आज अराजकता से जूझ रही है। पत्र के अंत में उन्होंने मतदाताओं से बदलाव के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल भी विकास और सुशासन का उतना ही हकदार है, जितना देश के अन्य राज्य।