घर की दीवारों के भीतर पनपी नफरत, पिता की हत्या तक पहुँचा बेटा: मानवेंद्र सिंह हत्याकांड की अनकही परतें
लखनऊ | 25 फरवरी 2026 लखनऊ के आशियाना इलाके में हुए मानवेंद्र सिंह हत्याकांड को लेकर अब धीरे-धीरे नई बातें सामने आ रही हैं। इस पूरे मामले में आरोपी बेटे अक्षत सिंह के मन में पल रही नफरत और पारिवारिक तनाव की कहानी सामने आई है, जिसने इस जघन्य वारदात की पृष्ठभूमि को और भयावह बना दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह के कुछ महिलाओं से करीबी रिश्ते थे, जिसको लेकर उनके और उनकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि इन्हीं घरेलू झगड़ों और मानसिक तनाव के चलते अक्षत की मां की मौत हुई थी। मोहल्ले वालों का कहना है कि बच्चों के मन में यह बात गहराई से बैठा दी गई थी कि उनकी मां की मौत के जिम्मेदार उनके पिता ही हैं। इसी सोच के साथ बच्चे बचपन से मानसिक दबाव और ट्रॉमा में जी रहे थे। यह भी सामने आया है कि मानवेंद्र की कुछ महिला मित्र उनके घर तक आती थीं। बच्चों के सामने हुई इन घटनाओं ने अक्षत के मन में पिता को लेकर नकारात्मक छवि बना दी। उसे लगता था कि मां की मौत की असली वजह पिता के झगड़े और उनके बाहरी रिश्ते थे। हत्या से कुछ समय पहले किसी महिला से फोन पर हुई “तीखी बहस” की भी चर्चा मोहल्ले में है, जिसने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया। हालांकि, पड़ोसियों का यह भी कहना है कि मानवेंद्र अपने बच्चों के प्रति जिम्मेदार और देखभाल करने वाले पिता थे। लेकिन बीती बातों की कड़वाहट अक्षत के मन में इतनी गहरी बैठ चुकी थी कि वह निकल नहीं सकी। बातचीत में स्थानीय निवासी अंशुमन दुबे ने यह दावा भी किया कि अक्षत का किसी लड़की से अफेयर था और उसने घर से 10 लाख रुपये उस लड़की को दिए थे। इन तमाम बातों के बीच यह साफ होता जा रहा है कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि लंबे समय से भीतर सुलगते पारिवारिक तनाव का खौफनाक अंत था। घर की दीवारों के भीतर पनपी नफरत, पिता की हत्या तक पहुँचा बेटा: मानवेंद्र सिंह हत्याकांड की अनकही परतें लखनऊ के आशियाना इलाके में हुए मानवेंद्र सिंह हत्याकांड को लेकर अब धीरे-धीरे नई बातें सामने आ रही हैं। इस पूरे मामले में आरोपी बेटे अक्षत सिंह के मन में पल रही नफरत और पारिवारिक तनाव की कहानी सामने आई है, जिसने इस जघन्य वारदात की पृष्ठभूमि को और भयावह बना दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह के कुछ महिलाओं से करीबी रिश्ते थे, जिसको लेकर उनके और उनकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि इन्हीं घरेलू झगड़ों और मानसिक तनाव के चलते अक्षत की मां की मौत हुई थी। मोहल्ले वालों का कहना है कि बच्चों के मन में यह बात गहराई से बैठा दी गई थी कि उनकी मां की मौत के जिम्मेदार उनके पिता ही हैं। इसी सोच के साथ बच्चे बचपन से मानसिक दबाव और ट्रॉमा में जी रहे थे। यह भी सामने आया है कि मानवेंद्र की कुछ महिला मित्र उनके घर तक आती थीं। बच्चों के सामने हुई इन घटनाओं ने अक्षत के मन में पिता को लेकर नकारात्मक छवि बना दी। उसे लगता था कि मां की मौत की असली वजह पिता के झगड़े और उनके बाहरी रिश्ते थे। हत्या से कुछ समय पहले किसी महिला से फोन पर हुई “तीखी बहस” की भी चर्चा मोहल्ले में है, जिसने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया। हालांकि, पड़ोसियों का यह भी कहना है कि मानवेंद्र अपने बच्चों के प्रति जिम्मेदार और देखभाल करने वाले पिता थे। लेकिन बीती बातों की कड़वाहट अक्षत के मन में इतनी गहरी बैठ चुकी थी कि वह निकल नहीं सकी। बातचीत में स्थानीय निवासी अंशुमन दुबे ने यह दावा भी किया कि अक्षत का किसी लड़की से अफेयर था और उसने घर से 10 लाख रुपये उस लड़की को दिए थे। इन तमाम बातों के बीच यह साफ होता जा रहा है कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि लंबे समय से भीतर सुलगते पारिवारिक तनाव का खौफनाक अंत था।