योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, जलालाबाद का बदलेगा नाम
लखनऊ, जुलाई 6, 2026 उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रिपरिषद के सदस्यों की मौजूदगी में कुल 27 प्रस्तावों पर सहमति बनी। इनमें सबसे प्रमुख फैसला शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से 'भगवान परशुराम पुरी' किए जाने का रहा। नई नीतियों के साथ-साथ कई विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शाहजहांपुर का यह क्षेत्र भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। यहां उनसे जुड़े अनेक प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं। इसी सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार वे त्रेतायुग और द्वापरयुग दोनों में विद्यमान रहे तथा उन्हें चिरंजीवी माना जाता है। कैबिनेट बैठक में कुल 28 प्रस्ताव रखे जाने थे, लेकिन विचार-विमर्श के बाद 27 प्रस्तावों को ही मंजूरी मिल सकी। मदरसा शिक्षकों की ग्रेच्युटी से संबंधित प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया, जिस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं, पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अंतर्गत 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' को मंजूरी दे दी गई। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी और महामारी, बीमारी या दुर्घटना के कारण पशुओं की मृत्यु अथवा अपंगता की स्थिति में किसानों और पशुपालकों को बीमा का लाभ मिलेगा। कैबिनेट बैठक के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, "उन्होंने देश की अखंडता के लिए 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' के खिलाफ शंखनाद किया था. नेहरू सरकार की तुष्टीकरण नीति के खिलाफ उनके सपने को पीएम मोदी ने 2019 में कश्मीर से धारा 370 हटाकर पूरा किया." कैबिनेट के इन फैसलों में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, किसानों के हितों को प्राथमिकता और प्रशासनिक निर्णयों का संतुलित स्वरूप देखने को मिला, जबकि मदरसा शिक्षकों से जुड़ा प्रस्ताव फिलहाल आगे की प्रक्रिया के लिए लंबित रखा गया है।