लखनऊ से सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार, विकास और सुशासन पर रखा सरकार का विजन
लखनऊ, 15 जुलाई 2026 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 15 जुलाई को आयोजित 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विकास, सुशासन और भविष्य की योजनाओं को लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के पहले सत्र 'हैट्रिक लगाएंगे योगी' में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव देखा है और बदलते भारत में राज्य की भूमिका लगातार मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों और समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़े लोगों ने इस परिवर्तन को करीब से महसूस किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछड़े क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते समय उन्होंने बीमारी, बिजली संकट और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लगातार संसद में उठाया था। उन्होंने कहा कि उस दौर में यह सवाल अक्सर मन में आता था कि क्या इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद वह किसी नई टीम को लेकर नहीं आए, बल्कि पहले से मौजूद प्रशासनिक व्यवस्था के साथ काम करते हुए उसकी कार्यशैली और सोच में बदलाव लाने का प्रयास किया। उनके अनुसार, आज उसी बदलाव के परिणाम प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "आज भी आप उनके संस्कार सुनते होंगे. कहते हैं कि अगर सत्ता में आए तो जांच कराएंगे कि माफिया मारे क्यों जा रहे हैं. माफिया पर इतनी सख्ती क्यों हो रही है. यानी उनकी सहानुभूति आज भी उत्तर प्रदेश के नागरिक, व्यापारी और बेटी के प्रति नहीं है. उनकी सहानुभूति आज भी माफिया और उसके गुर्गों के प्रति है. जो या तो जेल में हैं या जहन्नुम की यात्रा पर जा चुके हैं." अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "एक गरीब की पीड़ा को नहीं समझ सकते. सौभाग्य से या दुर्भाग्य से इन दोनों राजकुमारों ने जहां जन्म लिया है, जन्म से दोनों को चांदी की चम्मच से खाने की आदत रही है. देर से सोकर उठने की आदत रही है, उनको सूर्योदय का आनंद नहीं होगा, उनको तो ये उनकी नींद में खलल डालने जैसा होता है. गर्मी कैसे होती है? दोनों को नहीं पता है. बरसात की पीड़ा क्या होती है उनको नहीं पता है. क्योंकि आनंद लेने के लिए कोई ऑस्ट्रेलिया तो कोई यूएस की यात्रा में जाता है. ये पैसा किसका है? जनता के पैसे को लेकर के आप फोरन की यात्रा कर रहे हैं. यहां आईना दिखा कर के समाज को बांटने का पाप करते हैं. जातीय खेमों में बांटकर के जाती को जाती से लड़ा कर के सामाजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न करके सत्ता हत्याने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन ये जनता है आपके सारे करतूतों को जानती है. अब आपको माफ करने वाली नहीं है."