बीजिंग में डोभाल की अहम बैठक, सीमा वार्ता पर भारत-चीन की नजर

By Tatkaal Khabar / 25-08-2026 05:45:35 am | 1030 Views | 0 Comments
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नई दिल्ली, 25 अगस्त 2026 राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। दोनों के बीच सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। भारत-चीन सीमा विवाद पर भारत के विशेष प्रतिनिधि डोभाल सोमवार को विदेश मंत्री और चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग यी के निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा के लिए बीजिंग पहुंचे थे। डोभाल और वांग यी मंगलवार को भारत-चीन सीमा प्रश्न पर 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता करेंगे। इससे पहले डोभाल ने हान झेंग से मुलाकात की। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने X पर कहा कि दोनों नेताओं ने सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता मजबूत करने और दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति के अनुरूप आर्थिक, राजनीतिक तथा बहुपक्षीय क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की। वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा था कि भारत और चीन दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति की भावना के अनुरूप सीमा मुद्दे पर गहन संवाद जारी रखेंगे। लिन जियान के अनुसार, विशेष प्रतिनिधियों की बैठक सीमा वार्ता का प्रमुख माध्यम और आपसी चिंता के मुद्दों पर संवाद का महत्वपूर्ण मंच है। 25वीं बैठक में दोनों पक्ष सीमा मुद्दे पर गहन बातचीत जारी रखने और सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने पर काम करेंगे। इसके साथ ही द्विपक्षीय संबंधों तथा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि सीमा पर स्थिति का असर व्यापक भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ता है। इससे पहले 6 अगस्त को भारत-चीन सीमा मामलों पर 36वीं WMCC बैठक में भी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति की समीक्षा की गई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के संबंधों के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों पक्ष लंबित मुद्दों के समाधान और LAC पर गलतफहमी तथा गलत आकलन से बचने के लिए WMCC, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकों, राजनयिक और सैन्य माध्यमों सहित मौजूदा तंत्रों का इस्तेमाल जारी रखने पर सहमत हुए थे। ऐसे में 25वीं विशेष प्रतिनिधि वार्ता को सीमा मुद्दे पर संवाद आगे बढ़ाने और शांति एवं स्थिरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।