जेएनयू परिसर में बढ़ी सख्ती, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पर प्रशासन का चेतावनी सर्कुलर

By Tatkaal Khabar / 28-01-2026 01:14:13 am | 631 Views | 0 Comments
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नई दिल्ली | 28 जनवरी 2026 जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने परिसर और छात्रावासों में बढ़ती हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में एक सर्कुलर जारी कर सभी छात्रों को अलर्ट किया है और साफ किया है कि किसी भी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सर्कुलर में कहा गया है कि प्रशासन के संज्ञान में आया है कि हाल के समय में विश्वविद्यालय के छात्रावासों के भीतर और आसपास हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी कई अप्रिय घटनाएं हुई हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए, छात्रावासों में रहने वाले सभी छात्रों को विश्वविद्यालय और सरकार द्वारा तय नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने छात्रों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि वे छात्रावासों और परिसर की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य में शामिल न हों। सर्कुलर में यह भी चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्र-छात्राओं के खिलाफ “सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम 1984” और “दिल्ली संपत्ति विरूपण रोकथाम अधिनियम 2007” के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले वर्ष नवंबर में जेएनयू की डॉ. बीआर अंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। इस दौरान छात्रों द्वारा फेस रिकग्निशन सिस्टम को उखाड़कर फेंक दिया गया था, जिससे लगभग 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया था। इसी तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब यह सख्त कदम उठाया है। जेएनयू में हिंसा और तोड़फोड़ पर सख्त रुख, छात्रों के लिए अलर्ट जारी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने परिसर और छात्रावासों में बढ़ती हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर सर्कुलर जारी किया है। इसमें साफ कहा गया है कि विश्वविद्यालय की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या किसी भी तरह की हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार हाल के दिनों में छात्रावासों के अंदर और आसपास कुछ अप्रिय घटनाएं सामने आई हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए सभी छात्रों को विश्वविद्यालय और सरकार द्वारा तय नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है। छात्रों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की तोड़फोड़ या नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से दूर रहें। सर्कुलर में यह भी बताया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम 1984 और दिल्ली संपत्ति विरूपण रोकथाम अधिनियम 2007 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी राहत नहीं मिलेगी। गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में जेएनयू की डॉ. बीआर अंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी में तोड़फोड़ की घटना हुई थी, जिसमें फेस रिकग्निशन सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया था। इस घटना में करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया था, जिसके बाद प्रशासन और ज्यादा सतर्क हो गया है।