को मिलेगी बुलेट ट्रेन की रफ्तार, लखनऊ से दिल्ली दो घंटे और वाराणसी एक घंटे में सफर संभव

By Tatkaal Khabar / 02-02-2026 06:35:29 am | 59 Views | 0 Comments
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लखनऊ | 2 फरवरी 2026 केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश में रेल यात्रा की तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है। इस कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जिससे लखनऊ से दिल्ली की करीब 490 किमी दूरी महज दो घंटे में और लखनऊ से वाराणसी की दूरी सिर्फ एक घंटे में पूरी की जा सकेगी। यात्री दिल्ली से वाराणसी केवल तीन घंटे में पहुंच सकेंगे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस हाईस्पीड कॉरिडोर का रास्ता लखनऊ होकर जाने की पूरी संभावना है। प्रस्तावित रूट में गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, लखनऊ और आगे वाराणसी जैसे प्रमुख शहर शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ट्रेन किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी, इसका फैसला अभी होना बाकी है। इस परियोजना से प्रदेश के बड़े शहरों के बीच यात्रा बेहद आसान और तेज हो जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में देशभर में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है, जिनमें दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के लिए खास हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे यात्रियों का समय काफी बचेगा और लोग सुबह दिल्ली जाकर शाम को वापस लखनऊ लौट सकेंगे। सफर का समय मौजूदा व्यवस्था की तुलना में लगभग एक तिहाई रह जाएगा। रेलवे सूत्रों के अनुसार, बुलेट ट्रेन का किराया विमानों की तर्ज पर तय किया जाएगा। लखनऊ से दिल्ली का औसत किराया करीब पांच हजार रुपये हो सकता है और इसमें फ्लेक्सी प्राइसिंग भी लागू होगी। दिल्ली–वाराणसी के बीच करीब 790 किमी और वाराणसी–सिलीगुड़ी के बीच लगभग 720 किमी लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर बनेगा। पूरे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई करीब 1500 किमी होगी, जिस पर अनुमानित ढाई लाख करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। यूपी में हाईस्पीड रेल की सौगात, लखनऊ से दिल्ली दो घंटे और वाराणसी एक घंटे में सफर केंद्र सरकार ने दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा कर उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात दी है। इस कॉरिडोर पर चलने वाली बुलेट ट्रेन 300 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ेगी। इसके शुरू होने से लखनऊ से दिल्ली की दूरी करीब दो घंटे में और लखनऊ से वाराणसी की दूरी सिर्फ एक घंटे में तय हो सकेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर ज्यादा आरामदायक होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह हाईस्पीड कॉरिडोर लखनऊ के रास्ते बनने की पूरी संभावना है। गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहर इस रूट से जुड़ सकते हैं। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि बुलेट ट्रेन किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी। इसके बावजूद माना जा रहा है कि इस परियोजना से प्रदेश के बड़े शहरों के बीच संपर्क और मजबूत होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में देशभर में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। इनमें से दो कॉरिडोर उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेंगे, जिससे प्रदेश को सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से यात्री सुबह दिल्ली जाकर शाम को वापस लखनऊ लौट सकेंगे और दिल्ली से वाराणसी का सफर महज तीन घंटे में पूरा हो जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, बुलेट ट्रेन का किराया विमानों की तरह तय किया जाएगा। लखनऊ से दिल्ली का औसत किराया करीब पांच हजार रुपये हो सकता है और इसमें फ्लेक्सी प्राइसिंग भी लागू होगी। दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी को जोड़ने वाला यह हाईस्पीड नेटवर्क करीब 1500 किमी लंबा होगा, जिस पर भारी निवेश किया जाएगा। इससे यूपी में रेल यात्रा के साथ-साथ विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।