पाकिस्तान सीमा पर शक्ति प्रदर्शन: ‘वायु शक्ति-2026’ अभ्यास में भारतीय वायुसेना तैयार, तेजस के शामिल होने पर संशय
नई दिल्ली | 24 फरवरी 2026 भारतीय वायुसेना अपना बहुप्रतीक्षित अभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ 27 फरवरी को पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित करने जा रही है। पाकिस्तान सीमा के पास इस अभ्यास में राफेल, सुखोई और 120 से अधिक विमान हिस्सा लेकर अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। अभ्यास की फुल ड्रेस रिहर्सल 24 फरवरी को होगी, जबकि मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को आयोजित होगा। हालांकि, अभ्यास शुरू होने से पहले तेजस जेट के शामिल होने पर संशय उत्पन्न हो गया है। कुछ तकनीकी खराबियों के चलते सभी तेजस विमानों की जांच चल रही है। रविवार को मीडिया में यह खबर आई थी कि एक तेजस क्रैश हो गया, लेकिन सोमवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने स्पष्ट किया कि कोई क्रैश नहीं हुआ और यह केवल जमीन पर हुई एक छोटी तकनीकी गड़बड़ी थी। अधिकारीयों ने कहा कि "तेजस से पायलट का इजेक्शन भी नहीं हुआ था" और HAL व वायुसेना मिलकर जांच कर रहे हैं। अभ्यास में 77 फाइटर जेट, 43 हेलिकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के साथ कई अन्य एयर एसेट्स शामिल होंगे। फाइटर जेट श्रेणी में राफेल, सुखोई-30, मिराज 2000, मिग-29 और जगुआर शामिल होंगे। इसके अलावा सी-130जे, सी-295, सी-17, चेतक, एमआई-17, अपाचे और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट जैसी यूनिट्स भी ऑपरेशन में हिस्सा लेंगी। पहली बार सी-295 द्वारा नाइट असॉल्ट लैंडिंग ड्रिल का प्रदर्शन होगा और सी-130जे सुपर हरक्यूलिस कम समय में टेकऑफ कर गरुड़ कमांडो को वॉर जोन में उतारेगा। सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे अभ्यास को वास्तविक युद्ध क्षेत्र की तरह तैयार किया गया है। इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से सभी ऑपरेशन की मॉनिटरिंग होगी। पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत का तुरंत जवाब देने के लिए अटैक और डिफेंस दोनों स्तरों पर तैयारियां पूरी की गई हैं। अभ्यास के दौरान एयर डिफेंस की कई परतें, एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी-ड्रोन सिस्टम पूरी तरह ऑपरेशनल रेडीनेस प्लेटफॉर्म के साथ रखी जाएंगी। पाकिस्तान सीमा पर शक्ति प्रदर्शन: ‘वायु शक्ति-2026’ अभ्यास में भारतीय वायुसेना तैयार, तेजस के शामिल होने पर संशय भारतीय वायुसेना अपना बहुप्रतीक्षित अभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ 27 फरवरी को पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित करने जा रही है। पाकिस्तान सीमा के पास इस अभ्यास में राफेल, सुखोई और 120 से अधिक विमान हिस्सा लेकर अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। अभ्यास की फुल ड्रेस रिहर्सल 24 फरवरी को होगी, जबकि मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को आयोजित होगा। हालांकि, अभ्यास शुरू होने से पहले तेजस जेट के शामिल होने पर संशय उत्पन्न हो गया है। कुछ तकनीकी खराबियों के चलते सभी तेजस विमानों की जांच चल रही है। रविवार को मीडिया में यह खबर आई थी कि एक तेजस क्रैश हो गया, लेकिन सोमवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने स्पष्ट किया कि कोई क्रैश नहीं हुआ और यह केवल जमीन पर हुई एक छोटी तकनीकी गड़बड़ी थी। अधिकारीयों ने कहा कि "तेजस से पायलट का इजेक्शन भी नहीं हुआ था" और HAL व वायुसेना मिलकर जांच कर रहे हैं। अभ्यास में 77 फाइटर जेट, 43 हेलिकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के साथ कई अन्य एयर एसेट्स शामिल होंगे। फाइटर जेट श्रेणी में राफेल, सुखोई-30, मिराज 2000, मिग-29 और जगुआर शामिल होंगे। इसके अलावा सी-130जे, सी-295, सी-17, चेतक, एमआई-17, अपाचे और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट जैसी यूनिट्स भी ऑपरेशन में हिस्सा लेंगी। पहली बार सी-295 द्वारा नाइट असॉल्ट लैंडिंग ड्रिल का प्रदर्शन होगा और सी-130जे सुपर हरक्यूलिस कम समय में टेकऑफ कर गरुड़ कमांडो को वॉर जोन में उतारेगा। सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे अभ्यास को वास्तविक युद्ध क्षेत्र की तरह तैयार किया गया है। इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से सभी ऑपरेशन की मॉनिटरिंग होगी। पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत का तुरंत जवाब देने के लिए अटैक और डिफेंस दोनों स्तरों पर तैयारियां पूरी की गई हैं। अभ्यास के दौरान एयर डिफेंस की कई परतें, एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी-ड्रोन सिस्टम पूरी तरह ऑपरेशनल रेडीनेस प्लेटफॉर्म के साथ रखी जाएंगी।