अयोध्या में नव संवत्सर समारोह की तैयारियां तेज: 19 मार्च को राम मंदिर पहुंचेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
अयोध्या | 7 मार्च 2026 अयोध्या में नव संवत्सर के अवसर पर होने वाले विशेष समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी, जो 19 मार्च को राम मंदिर पहुंचेंगी। राष्ट्रपति मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे का समय बिताएंगी। इस दौरान वह राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र और श्रीराम नाम मंदिर की स्थापना भी करेंगी। कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है और बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। समारोह के लिए करीब पांच हजार विशेष मेहमानों की सूची तैयार की गई है। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह नौ बजे से धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगी। दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या से आए 51 वैदिक आचार्य पूरे अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। इन अनुष्ठानों का नेतृत्व काशी के आचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री करेंगे। इस अवसर पर केरल की आध्यात्मिक गुरु मां अमृता मरी, कर्नाटक के धर्माधिकारी पद्मभूषण वीरेंद्र हेगड़े और सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले सहित कई प्रमुख अतिथि भी मौजूद रहेंगे। मां अमृता के साथ उनके सौ से अधिक अनुयायी भी अयोध्या पहुंचेंगे, जिनके ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। नव संवत्सर समारोह के साथ ही रामोत्सव की भी शुरुआत होगी, जो चैत्र प्रतिपदा यानी 19 मार्च से प्रारंभ होकर रामनवमी तक चलेगा। इन नौ दिनों के दौरान अयोध्या के विभिन्न मंदिरों और मठों में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भक्ति संगीत के आयोजन किए जाएंगे, जिससे पूरी रामनगरी में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिलेगा। इधर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं और दर्शन व्यवस्था का भी लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत कर उनका अनुभव जाना। उन्होंने श्रद्धालुओं से पूछा कि “आपको दर्शन सुलभता से ताे हो गए, कोई असुविधा तो नहीं हुई...”। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए बताया कि दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हुई। नृपेंद्र मिश्र ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि है और बढ़ती भीड़ को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाए। उन्होंने मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए 10 मार्च तक सभी जरूरी कार्य पूरे करने के निर्देश भी दिए। अयोध्या में नव संवत्सर समारोह की तैयारियां तेज: 19 मार्च को राम मंदिर पहुंचेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या में नव संवत्सर के अवसर पर होने वाले विशेष समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी, जो 19 मार्च को राम मंदिर पहुंचेंगी। राष्ट्रपति मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे का समय बिताएंगी। इस दौरान वह राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र और श्रीराम नाम मंदिर की स्थापना भी करेंगी। कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है और बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। समारोह के लिए करीब पांच हजार विशेष मेहमानों की सूची तैयार की गई है। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह नौ बजे से धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगी। दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या से आए 51 वैदिक आचार्य पूरे अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। इन अनुष्ठानों का नेतृत्व काशी के आचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री करेंगे। इस अवसर पर केरल की आध्यात्मिक गुरु मां अमृता मरी, कर्नाटक के धर्माधिकारी पद्मभूषण वीरेंद्र हेगड़े और सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले सहित कई प्रमुख अतिथि भी मौजूद रहेंगे। मां अमृता के साथ उनके सौ से अधिक अनुयायी भी अयोध्या पहुंचेंगे, जिनके ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। नव संवत्सर समारोह के साथ ही रामोत्सव की भी शुरुआत होगी, जो चैत्र प्रतिपदा यानी 19 मार्च से प्रारंभ होकर रामनवमी तक चलेगा। इन नौ दिनों के दौरान अयोध्या के विभिन्न मंदिरों और मठों में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भक्ति संगीत के आयोजन किए जाएंगे, जिससे पूरी रामनगरी में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिलेगा। इधर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं और दर्शन व्यवस्था का भी लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत कर उनका अनुभव जाना। उन्होंने श्रद्धालुओं से पूछा कि “आपको दर्शन सुलभता से ताे हो गए, कोई असुविधा तो नहीं हुई...”। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए बताया कि दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हुई। नृपेंद्र मिश्र ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि है और बढ़ती भीड़ को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाए। उन्होंने मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए 10 मार्च तक सभी जरूरी कार्य पूरे करने के निर्देश भी दिए।