मतदाता सूची संशोधन की समय सीमा खत्म, अब 10 अप्रैल के बाद फिर जुड़ सकेंगे नए मतदाता
गोरखपुर। 10 मार्च 2026 गोरखपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) के तहत नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन कराने की निर्धारित समय सीमा 6 मार्च 2026 को समाप्त हो गई है। प्रशासन के अनुसार इस अवधि में बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किए हैं। हालांकि अंतिम तिथि बीतने के बाद भी आवेदन आने का सिलसिला जारी है, लेकिन इन आवेदनों की जांच और प्रक्रिया अब 10 अप्रैल को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही की जाएगी। जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक अभियान के दौरान नए मतदाता बनने के लिए लगभग 2.32 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं, जिनमें युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। वहीं मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए 7,404 लोगों ने फॉर्म-7 जमा किया, जबकि नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन कराने के लिए 43,469 लोगों ने फॉर्म-8 भरकर आवेदन किया है। इस अभियान के अंतिम चरण में आधार कार्ड को भी मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार किए जाने से कई लोगों को राहत मिली। जिन नागरिकों के पास अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, उन्हें भी आवेदन करने का अवसर मिल गया। इसके चलते नए मतदाता बनने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो लोग अभी तक मतदाता नहीं बन पाए हैं, वे 10 अप्रैल के बाद फिर से आवेदन कर सकेंगे। विनीत कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि 27 मार्च तक बिना मैपिंग और तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं के दस्तावेज एकत्र किए जाएंगे और 10 अप्रैल को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पहले की तरह सामान्य रूप से जारी रहेगी। मतदाता सूची संशोधन की समय सीमा खत्म, अब 10 अप्रैल के बाद फिर जुड़ सकेंगे नए मतदाता गोरखपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) के तहत नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन कराने की निर्धारित समय सीमा 6 मार्च 2026 को समाप्त हो गई है। प्रशासन के अनुसार इस अवधि में बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किए हैं। हालांकि अंतिम तिथि बीतने के बाद भी आवेदन आने का सिलसिला जारी है, लेकिन इन आवेदनों की जांच और प्रक्रिया अब 10 अप्रैल को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही की जाएगी। जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक अभियान के दौरान नए मतदाता बनने के लिए लगभग 2.32 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं, जिनमें युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। वहीं मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए 7,404 लोगों ने फॉर्म-7 जमा किया, जबकि नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन कराने के लिए 43,469 लोगों ने फॉर्म-8 भरकर आवेदन किया है। इस अभियान के अंतिम चरण में आधार कार्ड को भी मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार किए जाने से कई लोगों को राहत मिली। जिन नागरिकों के पास अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, उन्हें भी आवेदन करने का अवसर मिल गया। इसके चलते नए मतदाता बनने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो लोग अभी तक मतदाता नहीं बन पाए हैं, वे 10 अप्रैल के बाद फिर से आवेदन कर सकेंगे। विनीत कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि 27 मार्च तक बिना मैपिंग और तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं के दस्तावेज एकत्र किए जाएंगे और 10 अप्रैल को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पहले की तरह सामान्य रूप से जारी रहेगी।