वाराणसी सिलेंडर ब्लास्ट: घर ढहने से दो भाई-बहन की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
वाराणसी | 24 मार्च 2026 वाराणसी के लहरतारा क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब गैस सिलेंडर फटने से एक मकान ढह गया। इस हादसे में चार लोग मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों की मदद और प्रशासन के त्वरित प्रयासों से सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों की पहचान ओम कुमार चौधरी (30) और उनकी बहन प्रीति चौधरी (27) के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में अमन चौधरी (31) और 60 वर्षीय गिरजा देवी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे हुए तेज धमाके से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुट गए। इस हादसे के बाद क्षेत्र में गैस सिलेंडर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है और लोगों से गैस सिलेंडर के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की अपील की है। वाराणसी सिलेंडर ब्लास्ट: घर ढहने से दो भाई-बहन की मौत, दो गंभीर रूप से घायल वाराणसी के लहरतारा क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब गैस सिलेंडर फटने से एक मकान ढह गया। इस हादसे में चार लोग मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों की मदद और प्रशासन के त्वरित प्रयासों से सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों की पहचान ओम कुमार चौधरी (30) और उनकी बहन प्रीति चौधरी (27) के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में अमन चौधरी (31) और 60 वर्षीय गिरजा देवी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे हुए तेज धमाके से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुट गए। इस हादसे के बाद क्षेत्र में गैस सिलेंडर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है और लोगों से गैस सिलेंडर के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की अपील की है।