103वां संकट मोचन संगीत समारोह 6 अप्रैल से, छह दिनों तक गूंजेगी संगीत, नृत्य और भक्ति की त्रिवेणी
वाराणसी। 26 मार्च 2026 संकट मोचन संगीत समारोह का बहुप्रतीक्षित 103वां संस्करण 6 अप्रैल से शुरू होकर 11 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। छह दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में देशभर के नामचीन कलाकार हनुमान जी के चरणों में अपनी कला की प्रस्तुति देंगे। इस बार भी 150 से अधिक कलाकार गायन, वादन और नृत्य के माध्यम से भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेंगे। आयोजन के दौरान हर दिन लगभग 12 घंटे तक कार्यक्रम आयोजित होंगे। शुरुआती तीन दिनों में प्रतिदिन आठ-आठ प्रस्तुतियां होंगी, जबकि शेष तीन दिनों में सात-सात प्रस्तुतियां रखी गई हैं। इस तरह पूरे समारोह में कुल 45 प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें 45 प्रमुख कलाकारों के साथ उनकी संगत करने वाली टीम भी शामिल होगी। देश के विभिन्न शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और ओडिशा से कलाकार इसमें भाग लेंगे। इस वर्ष के समारोह में कई प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे, जिनमें मालिनी अवस्थी, अनूप जलोटा और हरिप्रसाद चौरसिया प्रमुख हैं। इसके अलावा, पंडित रतिकांत महापात्रा, पंडित उल्हास काशलकर और बांसुरी वादक रोनू मजूमदार भी मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। खास आकर्षण के रूप में शिवमणि के ड्रम्स और यू. राजेश के मेंडोलिन की जुगलबंदी भी दर्शकों को देखने को मिलेगी। समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन समिति द्वारा कलाकारों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस सप्ताह फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह संगीत महोत्सव श्रद्धा, परंपरा और कला का अनूठा संगम लेकर आएगा, जिसका इंतजार संगीत प्रेमियों को बेसब्री से है। 103वां संकट मोचन संगीत समारोह 6 अप्रैल से, छह दिनों तक गूंजेगी संगीत, नृत्य और भक्ति की त्रिवेणी संकट मोचन संगीत समारोह का बहुप्रतीक्षित 103वां संस्करण 6 अप्रैल से शुरू होकर 11 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। छह दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में देशभर के नामचीन कलाकार हनुमान जी के चरणों में अपनी कला की प्रस्तुति देंगे। इस बार भी 150 से अधिक कलाकार गायन, वादन और नृत्य के माध्यम से भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेंगे। आयोजन के दौरान हर दिन लगभग 12 घंटे तक कार्यक्रम आयोजित होंगे। शुरुआती तीन दिनों में प्रतिदिन आठ-आठ प्रस्तुतियां होंगी, जबकि शेष तीन दिनों में सात-सात प्रस्तुतियां रखी गई हैं। इस तरह पूरे समारोह में कुल 45 प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें 45 प्रमुख कलाकारों के साथ उनकी संगत करने वाली टीम भी शामिल होगी। देश के विभिन्न शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और ओडिशा से कलाकार इसमें भाग लेंगे। इस वर्ष के समारोह में कई प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे, जिनमें मालिनी अवस्थी, अनूप जलोटा और हरिप्रसाद चौरसिया प्रमुख हैं। इसके अलावा, पंडित रतिकांत महापात्रा, पंडित उल्हास काशलकर और बांसुरी वादक रोनू मजूमदार भी मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। खास आकर्षण के रूप में शिवमणि के ड्रम्स और यू. राजेश के मेंडोलिन की जुगलबंदी भी दर्शकों को देखने को मिलेगी। समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन समिति द्वारा कलाकारों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस सप्ताह फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह संगीत महोत्सव श्रद्धा, परंपरा और कला का अनूठा संगम लेकर आएगा, जिसका इंतजार संगीत प्रेमियों को बेसब्री से है।