प्रीपेड मीटर के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन, बिजली कटौती और सिस्टम खामियों पर उठे सवाल
मेरठ। 30 मार्च 2026 मेरठ में प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विक्टोरिया पार्क स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ‘प्रीपेड मीटर वापस लो’ जैसे तख्तियां लेकर नारेबाजी की और बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रीपेड मीटर सिस्टम में कई तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं को अनावश्यक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार बिल जमा करने के बाद भी घंटों तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं होता। इस पर अधिकारियों का कहना है कि बिजली कटौती का नियंत्रण लखनऊ मुख्यालय से होता है, जिस पर स्थानीय स्तर पर उनका अधिकार नहीं है। व्यापारियों ने इस जवाब पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब व्यवस्था पर स्थानीय अधिकारियों का नियंत्रण नहीं है, तो उनकी जिम्मेदारी क्या है। प्रदर्शन में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल सहित कई व्यापारी नेता मौजूद रहे, जिन्होंने समस्या के जल्द समाधान की मांग की। वहीं, शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। टीपी नगर और आसपास की कॉलोनियों में रविवार को घंटों बिजली गुल रही, जिससे लोगों को परेशानी हुई। अधिकारियों के अनुसार, केबल में फॉल्ट और पूर्व निर्धारित कार्यों के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए स्थायी समाधान की मांग की प्रीपेड मीटर के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन, बिजली कटौती और सिस्टम खामियों पर उठे सवाल मेरठ में प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विक्टोरिया पार्क स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ‘प्रीपेड मीटर वापस लो’ जैसे तख्तियां लेकर नारेबाजी की और बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रीपेड मीटर सिस्टम में कई तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं को अनावश्यक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार बिल जमा करने के बाद भी घंटों तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं होता। इस पर अधिकारियों का कहना है कि बिजली कटौती का नियंत्रण लखनऊ मुख्यालय से होता है, जिस पर स्थानीय स्तर पर उनका अधिकार नहीं है। व्यापारियों ने इस जवाब पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब व्यवस्था पर स्थानीय अधिकारियों का नियंत्रण नहीं है, तो उनकी जिम्मेदारी क्या है। प्रदर्शन में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल सहित कई व्यापारी नेता मौजूद रहे, जिन्होंने समस्या के जल्द समाधान की मांग की। वहीं, शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। टीपी नगर और आसपास की कॉलोनियों में रविवार को घंटों बिजली गुल रही, जिससे लोगों को परेशानी हुई। अधिकारियों के अनुसार, केबल में फॉल्ट और पूर्व निर्धारित कार्यों के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।