वाराणसी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, विक्रमोत्सव तैयारियों और काशी विश्वनाथ मंदिर व्यवस्था का लिया जायजा
वाराणसी। 31 मार्च 2026 मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मंगलवार सुबह वाराणसी पहुंचे। उनका यह दौरा एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन की अध्यक्षता करने के साथ-साथ 3 अप्रैल को बरेका मैदान में होने वाले विक्रमोत्सव महानाट्य मंचन की तैयारियों की समीक्षा के लिए है। उनके इस दौरे को प्रशासनिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के वाराणसी पहुंचने पर लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलने के बाद उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल परंपरा और विरासत को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी नई गति प्रदान करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं, ताकि कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हो सके और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जा सके। मंदिर परिसर में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं की सराहना की, साथ ही कुछ सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका यह दौरा वाराणसी में विकास, संस्कृति और धार्मिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा वाराणसी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, विक्रमोत्सव तैयारियों और काशी विश्वनाथ मंदिर व्यवस्था का लिया जायजा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मंगलवार सुबह वाराणसी पहुंचे। उनका यह दौरा एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन की अध्यक्षता करने के साथ-साथ 3 अप्रैल को बरेका मैदान में होने वाले विक्रमोत्सव महानाट्य मंचन की तैयारियों की समीक्षा के लिए है। उनके इस दौरे को प्रशासनिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के वाराणसी पहुंचने पर लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलने के बाद उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल परंपरा और विरासत को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी नई गति प्रदान करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं, ताकि कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हो सके और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जा सके। मंदिर परिसर में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं की सराहना की, साथ ही कुछ सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका यह दौरा वाराणसी में विकास, संस्कृति और धार्मिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।