कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़, अस्पताल संचालक समेत छह गिरफ्तार
कानपुर। 31 मार्च 2026 कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में अवैध किडनी प्रत्यारोपण रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की और अस्पताल संचालक, दलाल सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला केशवपुरम स्थित आहूजा अस्पताल से जुड़ा है, जहां कथित रूप से अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, एक महिला मरीज, जिसकी किडनी खराब थी, को शिवम अग्रवाल नामक एक दलाल मिला, जिसने किडनी डोनर की व्यवस्था करने का भरोसा दिया। इसके बाद उसकी मुलाकात मेरठ के एक छात्र आयुष से कराई गई, जिसने चार लाख रुपये के बदले किडनी देने की बात कही। आरोप है कि आहूजा अस्पताल में ट्रांसप्लांट के बाद आयुष को कल्याणपुर स्थित एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि महिला को अलग अस्पताल में रखा गया। आयुष ने आरोप लगाया कि तय रकम उसे नहीं दी गई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने साक्ष्य जुटाए और आहूजा अस्पताल के दो डॉक्टरों, दलाल शिवम अग्रवाल और तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। एसीएमओ की टीम ने देर रात शहर के कई निजी अस्पतालों में छापेमारी कर जांच की। वहीं, दोनों मरीजों को बेहतर इलाज के लिए एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़, अस्पताल संचालक समेत छह गिरफ्तार कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में अवैध किडनी प्रत्यारोपण रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की और अस्पताल संचालक, दलाल सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला केशवपुरम स्थित आहूजा अस्पताल से जुड़ा है, जहां कथित रूप से अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, एक महिला मरीज, जिसकी किडनी खराब थी, को शिवम अग्रवाल नामक एक दलाल मिला, जिसने किडनी डोनर की व्यवस्था करने का भरोसा दिया। इसके बाद उसकी मुलाकात मेरठ के एक छात्र आयुष से कराई गई, जिसने चार लाख रुपये के बदले किडनी देने की बात कही। आरोप है कि आहूजा अस्पताल में ट्रांसप्लांट के बाद आयुष को कल्याणपुर स्थित एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि महिला को अलग अस्पताल में रखा गया। आयुष ने आरोप लगाया कि तय रकम उसे नहीं दी गई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने साक्ष्य जुटाए और आहूजा अस्पताल के दो डॉक्टरों, दलाल शिवम अग्रवाल और तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। एसीएमओ की टीम ने देर रात शहर के कई निजी अस्पतालों में छापेमारी कर जांच की। वहीं, दोनों मरीजों को बेहतर इलाज के लिए एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।