बॉक्सानगर में BSF जवानों पर हमला, 8 आरोपी गिरफ्तार

By Tatkaal Khabar / 03-11-2026 09:32:27 am | 164 Views | 0 Comments
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नई दिल्ली, 03 नवंबर 2026 त्रिपुरा के बॉक्सानगर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची सीमा सुरक्षा बल (BSF) की टीम पर तस्करों के एक समूह ने हमला कर दिया। दो नवंबर को हुई इस घटना में तीन जवान घायल हो गए। हमलावरों ने न केवल जवानों के वाहन में तोड़फोड़ की, बल्कि उनके हथियार छीनने का प्रयास भी किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह घटना त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के बॉक्सानगर स्थित आशाबाड़ी इलाके की है। जानकारी के अनुसार, BSF की 49वीं बटालियन के जवान और अधिकारी रात करीब नौ से ग्यारह बजे के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के गेट नंबर 174 और 175 के आसपास पहुंचे थे। इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध तस्करी की गतिविधियां सामने आती रही हैं। जवानों ने जब तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई शुरू की तो वहां मौजूद लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। BSF की मौजूदगी देखकर कई संदिग्ध अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। इसी दौरान जवानों ने हफजुर रहमान नाम के एक व्यक्ति को पकड़ लिया। उसकी हिरासत के बाद स्थिति और बिगड़ गई। हफजुर रहमान को पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों के एक समूह ने आशाबाड़ी-रहीमपुर क्षेत्र में रास्ता जाम कर दिया। इसी बीच 49वीं बटालियन का एक वाहन वहां पहुंचा, जिसमें कंपनी कमांडर, चालक और एक अन्य जवान सवार थे। भीड़ ने वाहन के शीशे तोड़कर उसमें मौजूद जवानों को निशाना बनाया। इस दौरान उनके हथियार छीनने की कोशिश भी की गई। हमले में दो से तीन जवान घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए बॉक्सानगर अस्पताल ले जाया गया। बाद में उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें अगरतला के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। हमले की सूचना मिलने पर आशाबाड़ी से BSF की अतिरिक्त टुकड़ी मौके पर पहुंची, जिसके बाद हमलावर वहां से भाग निकले। मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए त्रिपुरा पुलिस की जांच जारी है। वहीं, BSF ने घटना से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भी सौंप दी है। अधिकारियों की ओर से घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "मैं अशाबारी में उपद्रवियों के एक समूह द्वारा हमारे बहादुर BSF जवानों पर किए गए बर्बर हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा की ऐसी घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इनकी पुरजोर निंदा की जानी चाहिए। हमारे सुरक्षा कर्मियों पर कोई भी हमला अत्यंत चिंता का विषय है और कानून के अनुसार इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई करें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें न्याय मिले। हमारे सुरक्षा कर्मी सर्वोच्च सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं।" मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आरोपियों के विरुद्ध शीघ्र और कठोर कार्रवाई करने के साथ न्याय सुनिश्चित करने को कहा है। गौरतलब है कि त्रिपुरा की बांग्लादेश के साथ करीब 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी रोकने के अभियान के दौरान BSF जवानों पर हुआ यह हमला सुरक्षा बलों की चुनौतियों और सीमा पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता को फिर से सामने लाता है।