UP:*अप्रैल से अब तक आंशिक कोरोना कर्फ्यू में 77 दिन में 85 करोड़ के निवेश से 646 ईकाईयां लगीं
कोरोना की वैश्विक महामारी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की रणनीति कारगर साबित हो रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत सबसे ज्यादा 136 करोड़ के निवेश से 4,143 इकाईयां लगाकर देश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। इन ईकाईयों में 43,118 लोगों को रोजगार मिला है।
सीएम योगी ने दूसरे राज्यों से लॉकडाउन के कारण आए प्रवासियों को प्रदेश में ही रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके लिए विभिन्न विभागों ने स्किल मैपिंग कर प्रवासियों को रोजगार से जोड़ने की शुरूआत की थी। इस दिशा में उत्तर प्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड ने पीएमईजीपी में ऐतिहासिक कार्य किया है। देश में सबसे ज्यादा प्रदेश में उद्योग लगाए गए हैं और रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इस मामले में पिछले वित्तीय वर्ष में दूसरे नंबर पर जम्मू एंड कश्मीर है और यहां 3508 प्रोजेक्ट के लिए 76 करोड़ सब्सिडी दी गई है और 22,377 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। ऐसे ही तीसरे नंबर पर गुजरात में 670 उद्योग लगाए गए हैं और 15099 लोगों को रोजगार मिला है। 51 करोड़ रुपए सब्सिडी के रूप में दिए गए हैं।
सीएम योगी के विशेष प्रयासों से लक्ष्य से अधिक 1571 उद्योग लगे
उत्तर प्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड ने कोरोना की पहली लहर में परिस्थितियां विपरीत होने के बावजूद बेहतर उदाहरण पेश किया है। सीएम योगी के विशेष प्रयासों से प्रदेश में पहली बार लक्ष्य से अधिक इकाइयां लगवाई गई हैं। बोर्ड को पिछले वित्तीय वर्ष में 77.16 करोड़ मार्जिन मनी (सब्सिडी) का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जबकि प्रदेश में करीब 136 करोड़ सब्सिडी दी गई है, 1571 उद्योग और लगवाए गए हैं। इसके लिए बोर्ड ने 59 करोड़ रुपए सब्सिडी के रूप में अधिक दिए हैं।
पिछले साल की तुलना में तीन गुना लगी इकाइयां
उत्तर प्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड ने पिछले साल की तुलना में एक अप्रैल से 16 जून तक करीब तीन गुना इकाईयां लगाई हैं। इस साल महज 77 दिनों में आंशिक कोरोना कर्फ्यू होने के बावजूद 85 करोड़ के निवेश से पीएमईजीपी में 646 ईकाईयां लगाई गई हैं और करीब 21 करोड़ रुपए सब्सिडी के रूप में दिए गए हैं। जबकि इसी दौरान पिछले साल करीब 29 करोड़ की लागत से 221 ईकाईयां लगी थीं और करीब सात करोड़ 35 लाख रुपए सब्सिडी के रूप में दिए गए हैं।
आप भी ले सकते हैं पीएमईजीपी का लाभ
केंद्र सरकार की ओर से पीएमईजीपी में नया उद्योग लगाने पर 35 फीसदी सब्सिडी देती है। उत्तर प्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड 13 फीसदी ब्याज तीन साल तक देता है। अधिकतम 25 लाख तक के प्रोजेक्ट पर आठ लाख 75 हजार रुपए सब्सिडी के रूप में दिए जाते हैं।