मनरेगा में बदलाव के विरोध में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन, 10 जनवरी से शुरुआत

By Tatkaal Khabar / 09-01-2026 05:42:44 am | 46 Views | 0 Comments
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देहरादून | 9 जनवरी 2026 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में किए गए बदलाव के खिलाफ कांग्रेस ने उत्तराखंड में प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाने का ऐलान किया है। यह निर्णय राजपुर रोड स्थित एक होटल में हुई राजनीतिक मामले समिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मनरेगा की जगह लागू किया जा रहा ‘विकसित भारत -गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) गरीबों के रोजगार के अधिकार को कमजोर करता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पूरे देश में इस बदलाव के विरोध का फैसला लिया है और सभी राज्यों में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उत्तराखंड में इसकी शुरुआत 10 जनवरी से जिलास्तर पर प्रेस वार्ता के साथ होगी। आंदोलन के तहत 11 जनवरी को जिलों में महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के समक्ष अनशन किया जाएगा। 29 जनवरी को पंचायत स्तर पर चौपाल आयोजित होंगी, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पत्र पंचायत प्रतिनिधियों को सौंपे जाएंगे। इसके बाद 30 जनवरी को वार्ड स्तर पर धरना प्रदर्शन और 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला मुख्यालयों में ‘मनरेगा बचाओ धरना’ दिया जाएगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा की मूल भावना को खत्म करना चाहती है। पार्टी के अनुसार, मनरेगा एक मांग आधारित योजना थी, जिसमें सरकार पर रोजगार देने की जिम्मेदारी थी, जबकि नया अधिनियम इसे आपूर्ति आधारित बना देता है। इससे काम की उपलब्धता बजट और शर्तों पर निर्भर हो जाएगी, रोजगार का अधिकार कमजोर पड़ेगा और राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ मनरेगा में बदलाव के खिलाफ कांग्रेस का ऐलान, 10 जनवरी से प्रदेशभर में आंदोलन उत्तराखंड में मनरेगा के स्थान पर नए ग्रामीण अधिनियम लागू किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। यह निर्णय कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में हुई राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में लिया गया। पार्टी ने इसे ग्रामीण रोजगार के अधिकार पर सीधा हमला बताया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि आंदोलन की शुरुआत 10 जनवरी से होगी। इस दिन जिलों में प्रेस वार्ताओं के जरिए मनरेगा में किए गए बदलावों और नए कानून की वास्तविकता जनता के सामने रखी जाएगी। 11 जनवरी को जिलास्तर पर महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के सामने अनशन किया जाएगा। आंदोलन के अगले चरण में 29 जनवरी को पंचायत स्तर पर चौपालों का आयोजन होगा। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पत्र पंचायत प्रतिनिधियों को सौंपे जाएंगे। 30 जनवरी को वार्ड स्तर पर धरना प्रदर्शन और 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला मुख्यालयों में ‘मनरेगा बचाओ’ आंदोलन चलाया जाएगा। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा की मूल भावना को कमजोर कर रही है। उनका कहना है कि मनरेगा एक मांग आधारित रोजगार योजना थी, जबकि नया कानून इसे आपूर्ति आधारित बना देता है। इससे रोजगार की गारंटी खत्म होगी और राज्यों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।