अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की मांग को लेकर निर्णायक आंदोलन का एलान, आज उत्तराखंड बंद

By Tatkaal Khabar / 11-01-2026 12:56:32 pm | 45 Views | 0 Comments
#

Ankita Bhandari murder case: Announcement of decisive movement to demand justice, Uttarakhand closed toda रुड़की | 11 जनवरी 2026 अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उत्तराखंड आंदोलन एवं पर्वतीय मूल के विभिन्न संगठनों ने निर्णायक संघर्ष का एलान किया है। संगठनों ने रविवार को उत्तराखंड बंद का आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच चाहते हैं। इस मांग को लेकर शनिवार देर शाम कई इलाकों में मशाल जुलूस भी निकाले गए। रुड़की टॉकीज चौक स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी समिति, युवा मंच, उत्तराखंड एकता मंच, गढ़वाल सभा सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि मामले से जुड़े कई अहम तथ्य अब तक सामने नहीं आए हैं। उन्होंने वीआईपी की पहचान, उनकी संख्या, रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने के आदेश और भाजपा के पूर्व विधायक व उनकी पत्नी द्वारा किए गए खुलासों की निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठनों ने आरोप लगाया कि सरकार केवल औपचारिक कार्रवाई कर रही है और चेतावनी दी कि यदि सच्चाई सामने नहीं आई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। संगठनों ने जानकारी दी कि 11 जनवरी को सुबह 10:30 बजे बूचड़ी फाटक ढंढेरा से रैली शुरू होकर चंद्रशेखर चौक, सिविल लाइंस तक पहुंचेगी, जिसके बाद बाजारों में बंद का आह्वान किया जाएगा। वहीं, महानगर कांग्रेस रुड़की के जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी एडवोकेट ने उत्तराखंड बंद को कांग्रेस का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रही है और सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने की मांग कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बंद के दौरान मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। दूसरी ओर, कई व्यापार संगठनों ने बंद से खुद को अलग कर लिया है। रुड़की प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल और प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति दिए जाने के बाद बंद का कोई औचित्य नहीं रह गया है। इधर, बंद के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप और एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन जबरन बाजार बंद कराने, सार्वजनिक परिवहन रोकने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेशभर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर संगठनों का उत्तराखंड बंद, रैली और कड़े सुरक्षा इंतजाम उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर विरोध तेज हो गया है। उत्तराखंड आंदोलन और पर्वतीय मूल से जुड़े कई संगठनों ने न्याय के लिए निर्णायक संघर्ष का ऐलान करते हुए रविवार को राज्यव्यापी बंद बुलाया है। संगठनों का कहना है कि केवल सीबीआई जांच पर्याप्त नहीं है और मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए। रुड़की में आयोजित प्रेसवार्ता में संगठनों ने आरोप लगाया कि अब तक कई अहम पहलू सामने नहीं आ पाए हैं, जिनमें वीआईपी की पहचान, रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने के आदेश और राजनीतिक स्तर पर हुए खुलासे शामिल हैं। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि पूरी सच्चाई सामने नहीं आई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। शनिवार देर शाम शहर के विभिन्न हिस्सों में मशाल जुलूस भी निकाले गए। रविवार को सुबह बूचड़ी फाटक ढंढेरा से रैली निकालकर चंद्रशेखर चौक सिविल लाइंस तक पहुंचने की योजना है, जिसके बाद बाजारों में बंद का आह्वान किया जाएगा। महानगर कांग्रेस रुड़की ने बंद को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है और कहा है कि वह अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अंत तक लड़ेगी। वहीं, कई व्यापार मंडलों ने बंद से खुद को अलग कर लिया है और कहा है कि सीबीआई जांच के आदेश के बाद बंद का औचित्य नहीं रह गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन जबरन बाजार बंद कराने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।