निकाय चुनाव प्रचार में ओवैसी का आरएसएस पर तीखा हमला, हेडगेवार और खिलाफत आंदोलन का जिक्र
छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र | 13 जनवरी 2026 महाराष्ट्र में चल रहे निकाय चुनावों के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आरएसएस और भाजपा को लेकर तीखा बयान दिया है। छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका पर सवाल खड़े किए और दावा किया कि संघ के संस्थापक केबी हेडगेवार अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन के कारण नहीं, बल्कि खिलाफत आंदोलन के समर्थन में जेल गए थे। ओवैसी ने अपने भाषण में कहा कि आजादी की लड़ाई में आरएसएस की भागीदारी को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन इतिहास के तथ्यों पर चर्चा नहीं होती। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संघ का कोई नेता अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष के चलते जेल गया था। ओवैसी के अनुसार, हेडगेवार की गिरफ्तारी का संबंध खिलाफत आंदोलन से था, न कि सीधे तौर पर ब्रिटिश शासन के विरोध से। इस दौरान ओवैसी ने अवैध बांग्लादेशियों के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर में बांग्लादेशियों की मौजूदगी का दावा गलत है और अगर कहीं ऐसे लोग पाए जाते हैं तो यह सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी सरकार की विफलता को दर्शाता है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए उछाला जा रहा है। भाजपा पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि केंद्र सरकार देश में हिंदुत्व का एजेंडा आगे बढ़ाने में लगी है और अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए समाज में धार्मिक ध्रुवीकरण किया जा रहा है। ओवैसी के इस बयान ने निकाय चुनाव प्रचार के बीच राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। निकाय चुनाव में ओवैसी का वार: RSS संस्थापक और खिलाफत आंदोलन पर तीखा सवाल महाराष्ट्र में निकाय चुनाव प्रचार के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने छत्रपति संभाजीनगर की जनसभा से आरएसएस और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने संघ की आज़ादी की लड़ाई में भूमिका पर सवाल उठाते हुए इतिहास को लेकर नई बहस छेड़ दी। ओवैसी ने दावा किया कि आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष के कारण नहीं, बल्कि खिलाफत आंदोलन के समर्थन में जेल गए थे। उन्होंने कहा कि आज जिन लोगों द्वारा राष्ट्रवाद की बात की जाती है, वही इतिहास के तथ्यों को नजरअंदाज कर रहे हैं। अपने भाषण में ओवैसी ने अवैध बांग्लादेशियों के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर में बांग्लादेशियों की मौजूदगी का आरोप बेबुनियाद है और यदि ऐसा है भी तो यह सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नाकामी है। ओवैसी ने भाजपा पर हिंदुत्व का एजेंडा थोपने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उनके बयान के बाद निकाय चुनाव से पहले सियासी माहौल और गरमा गया है।