इंदौर में नशे के खिलाफ सख्त मोर्चा, स्कूल से पंचायत तक बनेगी नशामुक्ति समिति

By Tatkaal Khabar / 05-02-2026 07:49:05 am | 65 Views | 0 Comments
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इंदौर | 5 फरवरी 2026 नशे की बढ़ती समस्या पर लगाम लगाने के लिए इंदौर प्रशासन ने बड़ा और व्यापक अभियान शुरू करने का फैसला किया है। जिले में अब स्कूल, कॉलेज और हर पंचायत स्तर पर नशामुक्ति जागरूकता समितियों का गठन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को समय रहते नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना, अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई रोकना और नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इलाज व परामर्श से जोड़ना है। कलेक्टर कार्यालय में हुई जिलास्तरीय बैठक में इस अभियान की रूपरेखा तय की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नशा समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन, पुलिस, शिक्षा संस्थानों और समाज के साझा प्रयासों से ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान संभव है। प्रशासन का मुख्य फोकस अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ने पर रहेगा। इसके तहत खरीद-बिक्री, भंडारण और परिवहन पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, अंतर-जिला और अंतरराज्यीय संयुक्त अभियानों तथा एनसीबी के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है। साथ ही तस्करी के हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नशा मुक्त वातावरण बनाने के लिए शहर और ग्रामीण इलाकों में बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। बैनर, होर्डिंग, साइकिल रैली, नुक्कड़ नाटक, मैराथन और बाइक रैली के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्ती, मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच और नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्था को मजबूत करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि प्रभावित युवाओं को समय पर सही मदद मिल सके। इंदौर में नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, स्कूल से पंचायत तक चलेगा जागरूकता अभियान इंदौर में नशे की बढ़ती समस्या को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब जिले के स्कूलों, कॉलेजों और हर पंचायत में नशामुक्ति जागरूकता समितियां बनाई जाएंगी। इसका मकसद युवाओं को नशे से दूर रखना और समय रहते उन्हें सही दिशा देना है। कलेक्टर कार्यालय में हुई बैठक में इस पूरे अभियान की रणनीति तय की गई। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नशा समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि प्रशासन, पुलिस, शिक्षा संस्थान और आम लोगों के सहयोग से ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है। प्रशासन ने अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। नशे की खरीद-बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई होगी। तस्करी के संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां सख्त निगरानी रखी जाएगी और दूसरे जिलों व एजेंसियों के साथ तालमेल बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही शहर और गांवों में बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। रैलियों, नुक्कड़ नाटकों और पोस्टरों के जरिए लोगों को नशे के नुकसान बताए जाएंगे। दवाओं की अवैध बिक्री पर भी सख्ती होगी और नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत किया जाएगा, ताकि प्रभावित लोगों को सही इलाज और सलाह मिल सके।