पश्चिमी विक्षोभ का असर बढ़ा, उत्तर-पश्चिम में ठंड बढ़ेगी; समुद्री और दक्षिणी इलाकों में बारिश की चेतावनी

By Tatkaal Khabar / 20-02-2026 01:06:54 am | 475 Views | 0 Comments
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दिल्ली | 20 फरवरी 2026 देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। ताजा हालात के अनुसार उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर राजस्थान के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के आसपास प्रभावी है। यह प्रणाली जमीन से 3 से 7 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है, जिसके चलते उत्तर-पश्चिम भारत में बादल, हल्की बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की स्थिति बन रही है। इसी कारण वातावरण अस्थिर बना हुआ है और मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं। भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अंडमान-निकोबार में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 20 से 22 फरवरी के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी कहीं-कहीं बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। समुद्री इलाकों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने का अनुमान है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रहेगा, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और पूर्वी भारत में धीरे-धीरे तापमान बढ़ने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का असर बढ़ा, उत्तर-पश्चिम में ठंड बढ़ेगी; समुद्री और दक्षिणी इलाकों में बारिश की चेतावनी देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। ताजा हालात के अनुसार उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर राजस्थान के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के आसपास प्रभावी है। यह प्रणाली जमीन से 3 से 7 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है, जिसके चलते उत्तर-पश्चिम भारत में बादल, हल्की बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की स्थिति बन रही है। इसी कारण वातावरण अस्थिर बना हुआ है और मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं। भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अंडमान-निकोबार में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 20 से 22 फरवरी के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी कहीं-कहीं बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। समुद्री इलाकों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने का अनुमान है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रहेगा, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और पूर्वी भारत में धीरे-धीरे तापमान बढ़ने की संभावना है।