नाबालिगों के यौन शोषण मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR के आदेश, प्रयागराज पॉक्सो कोर्ट का फैसला

By Tatkaal Khabar / 21-02-2026 02:21:05 am | 79 Views | 0 Comments
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प्रयागराज | 21 फरवरी 2026 प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के मामले में FIR दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। यह आदेश जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की शिकायत पर सुनवाई के बाद दिया गया। शनिवार को पॉक्सो कोर्ट प्रयागराज में हुई सुनवाई में स्पेशल जज विनोद कुमार चौरसिया ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी 13 फरवरी को अदालत में पेश हुए थे और दो पीड़ित नाबालिग बच्चों को कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया था। बंद कोर्ट रूम में बच्चों के बयान दर्ज किए गए, जिन्हें कैमरे में रिकॉर्ड भी किया गया। इसके बाद अदालत ने 21 फरवरी को अगली सुनवाई तय की थी। इस बीच प्रयागराज पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट भी कोर्ट को सौंप दी गई, जिस पर विचार करते हुए यह आदेश पारित किया गया। सुनवाई के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा, “हम दर-दर भटक रहे थे। पुलिस के पास जा रहे थे। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसलिए न्याय के मंदिर में आए। आज लगा कि न्याय अभी जिंदा है। न्यायलय ने हमे आज न्याय दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं अब साफ-साफ कहना चाहता हूं कि शिष्यों के साथ यौन शोषण और समलैंगिक अपराध किया गया। इसकी पुष्टि न्यायालय ने कर दी है।” आशुतोष ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और उनकी कार को बम से उड़ाने की बात कही जा रही है। अदालत में शंकराचार्य पक्ष के वकील ने आरोपों को निराधार बताते हुए केस की तैयारी के लिए समय मांगा। इस पर आशुतोष ब्रह्मचारी ने जज से कहा, “मुझे न्यायपालिका से ही इंसाफ की उम्मीद है।” कोर्ट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट रूम खाली कराकर केवल दोनों पक्षों के वकीलों की मौजूदगी में बच्चों के बयान सुने। फिलहाल अदालत के आदेश पर FIR दर्ज कर विवेचना शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नाबालिगों के यौन शोषण मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR के आदेश, प्रयागराज पॉक्सो कोर्ट का फैसला प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के मामले में FIR दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। यह आदेश जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की शिकायत पर सुनवाई के बाद दिया गया। शनिवार को पॉक्सो कोर्ट प्रयागराज में हुई सुनवाई में स्पेशल जज विनोद कुमार चौरसिया ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी 13 फरवरी को अदालत में पेश हुए थे और दो पीड़ित नाबालिग बच्चों को कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया था। बंद कोर्ट रूम में बच्चों के बयान दर्ज किए गए, जिन्हें कैमरे में रिकॉर्ड भी किया गया। इसके बाद अदालत ने 21 फरवरी को अगली सुनवाई तय की थी। इस बीच प्रयागराज पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट भी कोर्ट को सौंप दी गई, जिस पर विचार करते हुए यह आदेश पारित किया गया। सुनवाई के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा, “हम दर-दर भटक रहे थे। पुलिस के पास जा रहे थे। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसलिए न्याय के मंदिर में आए। आज लगा कि न्याय अभी जिंदा है। न्यायलय ने हमे आज न्याय दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं अब साफ-साफ कहना चाहता हूं कि शिष्यों के साथ यौन शोषण और समलैंगिक अपराध किया गया। इसकी पुष्टि न्यायालय ने कर दी है।” आशुतोष ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और उनकी कार को बम से उड़ाने की बात कही जा रही है। अदालत में शंकराचार्य पक्ष के वकील ने आरोपों को निराधार बताते हुए केस की तैयारी के लिए समय मांगा। इस पर आशुतोष ब्रह्मचारी ने जज से कहा, “मुझे न्यायपालिका से ही इंसाफ की उम्मीद है।” कोर्ट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट रूम खाली कराकर केवल दोनों पक्षों के वकीलों की मौजूदगी में बच्चों के बयान सुने। फिलहाल अदालत के आदेश पर FIR दर्ज कर विवेचना शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।