उत्तराखंड में 1 अप्रैल से बड़े बदलाव: टोल महंगा, नई फ्लाइट्स शुरू और कचरा अलग करना अनिवार्य
उत्तराखंड में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल से कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। सबसे पहले, प्रदेश के लच्छीवाला और धर्मावाला टोल प्लाजा पर टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है। हालांकि निजी कारों के लिए दरें यथावत रखी गई हैं, लेकिन व्यावसायिक वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है।
वहीं, देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट से तीन नई फ्लाइट सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा मिलेगी। इन नई उड़ानों में कुल्लू-मनाली, अहमदाबाद और बेंगलुरु से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं, जो अलग-अलग दिनों में संचालित होंगी।
इसके अलावा, प्रदेश में कूड़ा प्रबंधन को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब कचरे को दो की बजाय चार हिस्सों—गीला, सूखा, घरेलू खतरनाक और सैनिटरी—में अलग करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए नए रंगों के डिब्बों का उपयोग किया जाएगा और शहरी निकायों व ग्राम पंचायतों को इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल से कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। सबसे पहले, प्रदेश के लच्छीवाला और धर्मावाला टोल प्लाजा पर टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है। हालांकि निजी कारों के लिए दरें यथावत रखी गई हैं, लेकिन व्यावसायिक वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है।
वहीं, देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट से तीन नई फ्लाइट सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा मिलेगी। इन नई उड़ानों में कुल्लू-मनाली, अहमदाबाद और बेंगलुरु से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं, जो अलग-अलग दिनों में संचालित होंगी।
इसके अलावा, प्रदेश में कूड़ा प्रबंधन को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब कचरे को दो की बजाय चार हिस्सों—गीला, सूखा, घरेलू खतरनाक और सैनिटरी—में अलग करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए नए रंगों के डिब्बों का उपयोग किया जाएगा और शहरी निकायों व ग्राम पंचायतों को इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।