राम मंदिर में चंदा चोरी मामले के बाद अब VIP दर्शन के लिए पास को लेकर हंगामा! जानें क्यों ?

By Tatkaal Khabar / 12-07-2026 02:40:42 am | 81 Views | 0 Comments
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राम मंदिर चढ़ाव मामले पर बवाल मचा हुआ है. इस पर SIT की जांच के बाद 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है. राम मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन की भूमिका निभा रहे पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न खड़े हो रहे हैं. अब रामलला के दर्शन को लेकर जारी होने वाले वीआईपी (VIP) पास की प्रक्रिया में भी गड़बड़ी देखने को मिल रही है. आरोप लग रहे हैं कि वीआईपी पास जारी करके रामलला के दर्शन को लेकर भक्तों से वसूली हो रही है. 


राम मंदिर में VIP पास दर्शन के लिए एक सुविधा है. इस व्यवस्था के तहत सामान्य कतार से अलग होकर प्राथमिकता के साथ दर्शन की सुविधा दी जाती है. यह पास आमतौर पर वरिष्ठ नागरिकों, सरकारी अधिकारियों और मंदिर के खास अतिथियों के लिए जारी किया जाता है. इसे सुगम दर्शन पास भी कहा जाता है. 

कौन वीआईपी पास को करता है जारी?
अब तक ट्रस्ट के महासचिव, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य  गोपाल राव की आईडी के माध्यम से वीआईपी दर्शन के    पास दिए जाते हैं. पास जारी  करने का अधिकार उन्हीं के पास था. आसान भाषा में अगर कहा जाए तो ट्रस्ट के सदस्य VIP दर्शन पास सीधे अपने डिजिटल अकाउंट या सिफारिशी पत्र से किसी शख्स के नाम पर जारी करते हैं. इसके बाद काउंटर पर बैठे लोग डिजिटल सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन अनुरोध या उनकी मुहर लगे कागजों का सत्यापन (वेरिफिकेशन) कर पास जारी होते थे. 



व्यवस्था में क्या बदलाव किए?
चंपत राय,अनिल मिश्रा और गोपाल राव को वीआईपी दर्शन पास जारी कराने के ​अधिकार मिले थे. हालांकि अब यह जिम्मेदारी ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास को सौंपी गई है. ऐसा कहा जा रहा है कि चंपय राय, अनिल मिश्रा की डिजिटल सस्पेंड आईडी का  दुरुपयोग कर अंधाधुंध पास को जारी किया गया जा रहा था. 

कौन जारी करता है पास?
राम मंदिर में वीआईपी पास निशुल्क होता है. इसके लिए पैसे लेने की कोई व्यवस्था  नहीं है. हालांकि, एसआईटी की जांच में गड़बड़ियां देखने को मिली हैं. वीआईपी पास  केवल अधिकृत व्यक्तियों की सिफारिश और पहले से तय प्रक्रिया के तहत जारी होते हैं.  ट्रस्ट के अधिकृत पदाधिकारी के साथ इस पास को अयोध्या के डीएम, एसएसपी, डीआईजी भी वीआईपी पास जारी करते हैं. इन चारों अधिकारियों को प्रशासन की ओर 200-200 पास जारी करने की सुविधा मिली है.

वहीं ट्रस्ट की ओर से पास जारी करने की किसी तरह की तय सीमा नहीं है. लेकिन ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बयानों के तहत यहां से रोजाना 100 से लेकर 200 पास जारी होते हैं.  मगर एसआईटी (SIT) की जांच में पता चला है कि ट्रस्टियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की डिजिटल आईडी का दुरुपयोग हो रहा है. इसके माध्यम अंधाधुंध वीआईपी पास जारी हो रहे हैं. यही वजह है कि अब चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के क्रेडेंशियल को डिएक्टिवेट किया गया है. अब दिनेंद्र दास की आईडी पर ही पास को जारी किया जाएगा. 

ऑनलाइन वीआईपी पास किस तरह से जारी होते हैं?
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट online.srjbtkshetra.org पर जाना होगा. 
यहां पर अलग-अलग आरती और दर्शन के विकल्प हैं, इस पर अप्लाई कर सकते हैं.
फोन नंबर का ऑप्शन आएगा.
आप फोन नंबर एंटर करें और ओटीपी के जरिए लॉगिन कर लें.
ईमेल आईडी के जरिए भी लॉगिन करते हैं 
इसके बाद आपको डिटेल भरना होगा.
आप एक लॉगिन से मात्र 5 लोगों का ही पास बना सकते हैं. 
आपको दर्शन की सही तारीख को सेलेक्ट करना होगा. 
अप्रूवल के बाद ऑनलाइन ही अपना पास डाउनलोड करेंगे
वीआईपी पास के लिए अप्लाई?
ऑफलाइन तरीके से वीआईपी पास या सुगम दर्शन पास के लिए काउंटर पर जाकर एक निर्धारित फॉर्म को भरना होता है. इसमें श्रद्धालुओं का नाम, उम्र, जेंडर और पहचान पत्र की जानकारी देनी होती है. इसमें 8 लोगों का पास जारी हो सकता है. 

ट्रस्ट ने डिजिटल आईडी किया निष्क्रिय 
रामलला दर्शन को लेकर VIP (सुगम दर्शन) पास श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर है.  प्रोटोकॉल की व्यवस्था की गई थी. मगर इसका दुरुपयोग हो रहा है. ट्रस्ट की साख और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. ट्रस्ट ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए कई पदाधिकारियों की डिजिटल आईडी को निष्क्रिय कर दिया है. इसके साथ पास जारी करने का अधिकार तय कर दिया. मगर इसके बावजूद चढ़ावा चोरी के साथ-साथ वीआईपी पास के माध्यम से वसूली के कथित केस सामने आ रहे हैं. 

राम लला के दर्शन को लेकर आम जनता के मन में कुछ सवाल रहते हैं. उसके जवाब इस प्रकार है: 

1. VIP दर्शन पास क्या होता है?

VIP या सुगम दर्शन पास एक ऐसी सुविधा है, जिसके तहत श्रद्धालु सामान्य कतार से अलग प्राथमिकता के साथ रामलला के दर्शन कर सकते हैं.

2. राम मंदिर VIP पास विवाद क्या है?

राम मंदिर में VIP (सुगम दर्शन) पास जारी करने की प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है. आरोप हैं कि कुछ लोगों ने VIP पास के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली की और डिजिटल आईडी का कथित दुरुपयोग कर बड़ी संख्या में पास जारी किए गए.

3. VIP पास जारी करने का अधिकार किसके पास था?

पहले ट्रस्ट के महासचिव, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की डिजिटल आईडी के माध्यम से VIP पास जारी किए जाते थे.

4. क्या ट्रस्ट के लिए VIP पास जारी करने की कोई तय सीमा है?

रिपोर्ट के अनुसार ट्रस्ट की ओर से कोई निश्चित सीमा तय नहीं है, हालांकि सामान्यतः प्रतिदिन लगभग 100 से 200 पास जारी होने की बात कही गई है.