Ganesh Chaturthi 2026 : तिथि, पूजा विधि, व्रत कथा, महत्व, मंत्र और विसर्जन
Ganesh Chaturthi 2026 : गणेश चतुर्थी का पर्व भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से मनाया जाता है। यह 10 दिन का उत्सव होता है। इस दिन घर में गणेशजी की स्थापना की जाती है और अनंत चतुर्दशी तक भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा की जाती है। आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी पूजा विधि, तारीख और महत्व। गणेश चतुर्थी 2026 हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, समृद्धि और शुभता के देवता तथा विघ्नहर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है. हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से गणेश उत्सव की शुरुआत होती है. हर साल भक्त गणेश चतुर्थी का बहुत बेसब्री से इंतजार करते हैं. अगस्त का महीना शुरू होते ही गणेश भक्तों को गणपति बप्पा के आगमन का इंतजार रहने लगता है. घरों से लेकर बड़े-बड़े पंडालों तक, हर जगह बप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. माना जाता है कि भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है. अगर, आप भी इस साल गणेश चतुर्थी मनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो सही तिथि, शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख जान लेना जरूरी है. सही तारीख और समय गणेश चतुर्थी स्थापना- 14 सितंबर 2026, सोमवार चतुर्थी तिथि प्रारंभ- 14 सितंबर 2026 को सुबह 7:06 बजे पूजा का शुभ मुहूर्त- सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 बजे तक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी. चतुर्थी तिथि की शुरुआत 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर होगी और इसका समापन 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर होगा. इसलिए उदया तिथि के आधार पर गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को ही मनाया जाएगा. गणेश विसर्जन का दिन अनंत चतुर्दशी (विसर्जन)- 25 सितंबर 2026, शुक्रवार कुछ लोग अपनी परंपरा के अनुसार, 1.5 दिन, 3 दिन, 5 दिन या 7 दिन बाद भी विसर्जन करते हैं. मुख्य और बड़ा सार्वजनिक विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन ही होता है.