सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोले- दिल्ली में स्थापित हो गए हैं 'दिमागी नक्सल'

By Tatkaal Khabar / 01-11-2026 03:36:38 am | 88 Views | 0 Comments
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नई दिल्ली, 01 नवंबर 2026 भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रवैये को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। छत्तीसगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत लिए गए उन फैसलों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, जो उनकी इच्छा के अनुरूप नहीं होते। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए भी कांग्रेस का यही रवैया था और विपक्ष में आने के बाद भी उसकी मानसिकता में कोई बदलाव नहीं आया है। सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार बनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप नक्सलवाद का खात्मा हुआ है। उन्होंने कहा कि कभी सुकमा, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, बस्तर और चिंतागुफा जैसे इलाकों में नक्सली गतिविधियां दिखाई देती थीं, लेकिन अब वहां से नक्सलवाद समाप्त हो गया है। इसी संदर्भ में उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अब ऐसा प्रतीत होता है जैसे किसी की बीमारी को आप ठीक करने के लिए बुखार दिमाग में घुस जाता है तो नक्सल समाप्त हुए हैं और दिमागी नक्सल जाकर दिल्ली में स्थापित हो गए हैं।" राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दुनिया में जहां भी अराजकता की स्थिति बनती है, वहां उपद्रव करते हुए लोग दिखाई देते हैं, लेकिन भारत में नेता प्रतिपक्ष का व्यवहार अलग नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी आकाशवाणी भवन में प्रवेश करते दिखाई देते हैं, कभी प्रधानमंत्री आवास के सामने सड़क पर लेटते हैं और कभी सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करते नजर आते हैं। उन्होंने संसद के बजाय सड़क पर फैसले करने और चर्चा की जगह प्रतिरोध का रास्ता अपनाने संबंधी बयानों पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस के ईवीएम और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर सुधांशु त्रिवेदी ने सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी पहले दावा करती थी कि ईवीएम में गड़बड़ी की जाती है और कोई भी बटन दबाने पर वोट भाजपा को जाता है। उन्होंने पूछा कि यदि कांग्रेस के आरोपों को सही मान लिया जाए, तो फिर मतदाता सूची में हेरफेर करने की जरूरत ही क्या रह जाती है? उन्होंने कहा कि ईवीएम के प्रबंधन और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप एक साथ लगाना विरोधाभासी है। इस मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को अज्ञानता या धूर्तता से जुड़ा बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले को गंभीरता से समझने की जरूरत है।