नए साल का जश्न बना तबाही का तमाशा: ऋषिकेश में निर्माणाधीन बजरंग सेतु पर टूटी सुरक्षा, लाखों का कांच चकनाचूर

By Rupali Mukherjee Trivedi / 03-01-2026 06:34:29 am | 277 Views | 0 Comments
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ऋषिकेश/देहरादून: नववर्ष के जश्न के दौरान ऋषिकेश का निर्माणाधीन बजरंग सेतु अराजकता का केंद्र बन गया, जब बड़ी संख्या में पर्यटकों ने सुरक्षा इंतजामों को धता बताते हुए पुल में जबरन प्रवेश कर उत्पात मचाया। सुरक्षा के लिए लगाए गए प्लास्टिक तिरपाल फाड़ दिए गए और सेल्फी लेने की होड़ में पुल पर लगे लाखों रुपये की लागत वाले कांच तोड़ दिए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नववर्ष पर भारी भीड़ बजरंग सेतु पर पहुंची और उसे घूमने की जगह समझकर पुल पर चढ़ गई। हुड़दंगियों ने न केवल सुरक्षा घेरा तोड़ा, बल्कि पुल पर पान-मसाला थूककर गंदगी फैलाई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी भीड़ को नियंत्रित नहीं कर सके। अफरा-तफरी के बीच सेल्फी प्वाइंट पर लगा कांच टूट गया। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब बजरंग सेतु को नुकसान पहुंचा हो। इससे पहले दशहरा पर्व के दौरान भी पर्यटकों ने पुल के दोनों ओर लगाए गए गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया था और उस समय भी कांच क्षतिग्रस्त हुए थे। बताया गया है कि हाल ही में दिल्ली का एक पर्यटक पैर फिसलने से गंगा में गिर गया था, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद कार्यदायी संस्था ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पुल को एक सप्ताह के लिए बंद करने का अनुरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद कुछ पर्यटक खुद को वीआईपी बताकर श्रमिकों पर दबाव बनाते रहे और पुल पर आवाजाही जारी रही। फिलहाल पुल के चारों ओर गंदगी फैली हुई है और लगातार हो रही घटनाओं ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब पुल आम जनता के लिए खोला जाएगा, तब कांच और संरचना का रखरखाव एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, जिसके लिए अब तक कोई ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने कहा कि उन्हें फिलहाल घटना की जानकारी नहीं है और जल्द ही निरीक्षण कर कांच टूटने के मामले की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। नए साल की भीड़ ने तोड़ी व्यवस्था की सीमाएं: ऋषिकेश में निर्माणाधीन बजरंग सेतु बना हुड़दंग का केंद्र नववर्ष के स्वागत के दौरान उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित निर्माणाधीन बजरंग सेतु पर पर्यटकों की भारी भीड़ ने हालात को पूरी तरह अव्यवस्थित कर दिया। जश्न के नाम पर पहुंचे सैलानियों ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए पुल पर लगाए गए बैरिकेड और सुरक्षा घेरा तोड़ दिया। इस दौरान सेल्फी लेने की होड़ में पुल पर लगाए गए लाखों रुपये की लागत वाले कांच को नुकसान पहुंचाया गया। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल को आम लोगों की आवाजाही के लिए अभी खोला नहीं गया है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में पर्यटक जबरन अंदर घुस गए। सुरक्षा के लिए लगाए गए प्लास्टिक तिरपाल को फाड़ दिया गया और पुल को पिकनिक स्पॉट की तरह इस्तेमाल किया जाने लगा। कई लोगों ने पुल पर पान-मसाला थूककर गंदगी फैलाई, जिससे वहां का माहौल और भी खराब हो गया। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब मौके पर तैनात पुलिसकर्मी भी भीड़ को नियंत्रित नहीं कर सके। धक्का-मुक्की और शोर-शराबे के बीच सेल्फी प्वाइंट पर लगाया गया कांच टूट गया। यह घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले दशहरा पर्व के दौरान भी पर्यटकों ने पुल के दोनों ओर लगे गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया था, उस समय भी कांच को नुकसान पहुंचा था। गौर करने वाली बात यह है कि कुछ समय पहले दिल्ली से आए एक पर्यटक की पुल से फिसलकर गंगा नदी में गिरने से मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद कार्यदायी संस्था ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सुरक्षा कारणों से पुल को एक सप्ताह के लिए बंद रखने का अनुरोध किया था। बावजूद इसके, कई पर्यटक खुद को वीआईपी बताकर श्रमिकों पर दबाव बनाते रहे और पुल पर आवाजाही शुरू कर दी गई। फिलहाल पुल पर चारों ओर गंदगी फैली हुई है और बार-बार हो रही तोड़फोड़ ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब पुल पूरी तरह आम जनता के लिए खोला जाएगा, तब कांच की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन को सख्त और ठोस योजना बनानी होगी। अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है और जल्द ही स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया जाएगा।