संभल में बिजली चोरी का बड़ा खुलासा, 50–60 घरों को सप्लाई करता मिला अवैध मिनी पावर स्टेशन; DM-SP ने रात में मारा छापा

By Tatkaal Khabar / 05-01-2026 06:42:14 am | 170 Views | 0 Comments
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संभल (उत्तर प्रदेश)| संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान प्रशासन को बड़ी सफलता हाथ लगी है। रायसत्ती थाना क्षेत्र में जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के निर्देश पर की गई कार्रवाई में एक अवैध मिनी पावर स्टेशन का पर्दाफाश हुआ है, जिससे 50 से 60 घरों को बिजली आपूर्ति की जा रही थी। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व खुद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने रात के समय किया। जानकारी के अनुसार, बिजली चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सात विशेष टीमों का गठन कर एक संयुक्त अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान सामने आया कि एक व्यक्ति ने अवैध रूप से भूमिगत केबल नेटवर्क के जरिए मिनी पावर स्टेशन स्थापित कर रखा था। यह पूरा सिस्टम अंडरग्राउंड था, जिससे इसे पकड़ना आसान नहीं था। जांच में खुलासा हुआ कि लंबे समय से इस अवैध व्यवस्था के जरिए बड़ी मात्रा में बिजली चोरी की जा रही थी, जिससे बिजली विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा था। प्रशासन ने मौके से अवैध उपकरण जब्त कर लिए हैं। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पहले से दर्ज प्राथमिकी के अलावा, अब चोरी की मात्रा और जब्त सामग्री के आधार पर एक और एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि बिजली चोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद इलाके में बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी बिजली कटौती और आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। संभल में बिजली चोरी का बड़ा खुलासा, अवैध मिनी पावर स्टेशन से हो रही थी 50–60 घरों की सप्लाई उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान प्रशासन ने एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। रायसत्ती थाना क्षेत्र में जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के निर्देश पर की गई छापेमारी में एक अवैध मिनी पावर स्टेशन पकड़ा गया, जिससे एक साथ 50 से 60 घरों को बिजली आपूर्ति की जा रही थी। इस कार्रवाई में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद रात के समय मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन को लंबे समय से इलाके में बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद बिजली विभाग और पुलिस की संयुक्त सात टीमों का गठन कर विशेष अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान सामने आया कि एक व्यक्ति ने भूमिगत केबल बिछाकर अवैध रूप से मिनी पावर स्टेशन स्थापित किया था। यह पूरा सिस्टम अंडरग्राउंड होने के कारण लंबे समय तक विभाग की नजर से बचा रहा। जांच में पता चला कि इस अवैध व्यवस्था के जरिए बड़ी मात्रा में बिजली चोरी की जा रही थी, जिससे बिजली विभाग को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा था। मौके से अवैध उपकरण, तार और अन्य सामग्री जब्त की गई है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पहले से दर्ज प्राथमिकी के अलावा, अब चोरी की गई बिजली की मात्रा के आधार पर एक और एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियां न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न करती हैं। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।