दिल्ली में प्रदूषण से हल्की राहत, ‘बेहद खराब’ से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचा AQI
नई दिल्ली | 5 जनवरी 2026 राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोगों को प्रदूषण के मोर्चे पर हल्की राहत मिली है। रविवार के मुकाबले सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। जहां रविवार को दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई थी, वहीं सोमवार को यह घटकर ‘खराब’ श्रेणी में आ गई। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, सोमवार सुबह राजधानी का औसत AQI 266 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि यह गिरावट राहत भरी जरूर है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण का स्तर अभी भी स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में AQI में काफी अंतर देखने को मिला। अलीपुर में 275, आनंद विहार में 320, अशोक विहार में 301 और चांदनी चौक में 337 AQI दर्ज किया गया। वहीं आया नगर में 178, बवाना में 195 और लोधी रोड में 182 AQI रहा, जो अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर स्थिति दर्शाता है। इसके अलावा, द्वारका सेक्टर-8 में 288, आईटीओ में 253, जहांगीरपुरी में 316, मुंडका में 281, नजफगढ़ में 232, पंजाबी बाग में 276, आरके पुरम में 295, रोहिणी में 299, विवेक विहार में 318 और वजीरपुर में 308 AQI दर्ज किया गया। आईजीआई एयरपोर्ट टी-3 पर AQI 153 रहा, जो ‘मध्यम’ श्रेणी के करीब माना जा रहा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI होने पर हवा को साफ माना जाता है। 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बेहद खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी को दर्शाता है। गंभीर श्रेणी में हवा इंसानी स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो जाती है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए। फिलहाल दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव और सख्त नियंत्रण उपायों से आने वाले दिनों में स्थिति में और सुधार हो सकता है, लेकिन लोगों को अभी सावधानी बरतने की जरूरत है। दिल्ली की हवा में हल्का सुधार, ‘बेहद खराब’ से फिसलकर ‘खराब’ श्रेणी में आया AQI राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में सोमवार को मामूली राहत देखने को मिली। रविवार को जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया था, वहीं सोमवार को इसमें गिरावट आई और यह ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गया। हालांकि राहत सीमित है और हवा की गुणवत्ता अब भी सेहत के लिहाज से चिंता का विषय बनी हुई है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, सोमवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 266 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी के अंतर्गत आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन प्रदूषण का स्तर अभी सुरक्षित सीमा से काफी ऊपर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में AQI अब भी ऊंचा बना हुआ है। आनंद विहार में 320, अशोक विहार में 301, चांदनी चौक में 337, जहांगीरपुरी में 316 और विवेक विहार में 318 AQI दर्ज किया गया। वहीं अलीपुर में 275, द्वारका सेक्टर-8 में 288, मुंडका में 281 और रोहिणी में 299 AQI रहा। कुछ इलाकों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। आया नगर में AQI 178, बवाना में 195, लोधी रोड में 182 और आईजीआई एयरपोर्ट टी-3 पर 153 AQI दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी के करीब माना जाता है। आईटीओ में 253 और नजफगढ़ में 232 AQI दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक के पैमानों के अनुसार, 0 से 50 AQI को साफ हवा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बेहद खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। गंभीर स्तर पर हवा स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हो जाती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए। फिलहाल दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव और प्रदूषण नियंत्रण उपायों से आने वाले दिनों में स्थिति में और सुधार संभव है।