वृंदावन में फूड कोर्ट दुकानों की नीलामी बनी रिकॉर्ड, 21 लाख की सबसे ऊंची बोली से निगम को बड़ी कमाई
वृंदावन (मथुरा), 14 जनवरी 2026: वृंदावन जोन में जिला संयुक्त चिकित्सालय के समीप बने फूड कोर्ट की दुकानों की नीलामी ने मंगलवार को नया रिकॉर्ड बना दिया। मथुरा नगर निगम द्वारा कराई गई खुली बोली में व्यापारियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसके चलते निगम को करीब एक करोड़ रुपये की आय हुई। नीलामी प्रक्रिया नगर आयुक्त द्वारा गठित निगरानी समिति की मौजूदगी में पूरी की गई। नगर निगम की ओर से निर्मित कुल आठ फूड कोर्ट दुकानों में से अनारक्षित वर्ग की छह दुकानों की नीलामी की गई। निगम ने प्रत्येक दुकान का आरक्षित मूल्य छह लाख रुपये तय किया था, लेकिन खुली बोली में कीमतें उम्मीद से कहीं अधिक पहुंच गईं। सबसे ऊंची बोली 21 लाख रुपये की लगी, जबकि सबसे कम बोली 10 लाख रुपये पर जाकर ठहरी। सीटीओ नरेंद्र यादव ने बताया कि छह दुकानों की पगड़ी क्रमशः 21 लाख, 20 लाख, 16 लाख, 14 लाख, साढ़े 14 लाख और 10 लाख रुपये में तय हुई है। दुकानदारों से इसके अतिरिक्त नौ हजार रुपये मासिक किराया और 18 प्रतिशत जीएसटी भी लिया जाएगा। जिन दुकानों की बोली पूरी हो चुकी है, उनकी फाइल नगर आयुक्त की स्वीकृति के लिए भेज दी गई है। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने जानकारी दी कि आरक्षित वर्ग की बची हुई दो दुकानों के लिए दोबारा नीलामी कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस सफल नीलामी से न केवल नगर निगम की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि वृंदावन क्षेत्र में व्यवस्थित और आधुनिक फूड कोर्ट संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। वृंदावन में फूड कोर्ट दुकानों की नीलामी ने रचा इतिहास, 21 लाख तक पहुंची बोली मथुरा नगर निगम द्वारा वृंदावन जोन में जिला संयुक्त चिकित्सालय के पास बनाए गए फूड कोर्ट की दुकानों की नीलामी ने सभी को चौंका दिया। खुली बोली के दौरान व्यापारियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसके चलते नगर निगम को करीब एक करोड़ रुपये की आय हुई। यह नीलामी नगर आयुक्त द्वारा गठित समिति की निगरानी में पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। नगर निगम की ओर से निर्मित कुल आठ दुकानों में से अनारक्षित वर्ग की छह दुकानों की बोली लगाई गई। प्रत्येक दुकान का आरक्षित मूल्य छह लाख रुपये तय किया गया था, लेकिन बोली प्रक्रिया के दौरान कीमतें कई गुना बढ़ गईं। सबसे अधिक बोली 21 लाख रुपये की लगी, जबकि सबसे कम बोली भी 10 लाख रुपये तक पहुंच गई। सीटीओ नरेंद्र यादव ने बताया कि छह दुकानों की पगड़ी क्रमशः 21 लाख, 20 लाख, 16 लाख, 14 लाख, साढ़े 14 लाख और 10 लाख रुपये में तय हुई है। इसके अलावा दुकानदारों को नौ हजार रुपये मासिक किराया और 18 प्रतिशत जीएसटी भी देना होगा। बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित फाइलें नगर आयुक्त की स्वीकृति के लिए भेज दी गई हैं। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया कि आरक्षित वर्ग की शेष दो दुकानों के लिए जल्द ही दोबारा नीलामी कराई जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस नीलामी से न केवल नगर निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि वृंदावन में सुव्यवस्थित फूड कोर्ट के माध्यम से स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।