देहरादून में छात्रों की सुरक्षा पर बड़ा फैसला: लगभग 79 जर्जर स्कूल होंगे ध्वस्त, डीएम ने जारी किया ₹1 करोड़ का बजट
देहरादून | 19 जनवरी 2026 देहरादून जिले में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के लगभग 79 सरकारी स्कूल ऐसे पाए गए हैं जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और छात्रों के लिए खतरा बन गए हैं। इन स्कूलों को ध्वस्त करने के आदेश जिलाधिकारी सविन बंसल ने जारी किए हैं। इस कार्य के लिए ₹1 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है और सात दिनों के भीतर पूरा एस्टीमेट मांगा गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा जिले के लगभग 104 स्कूलों का सर्वे कराया गया था। इसमें लगभग 79 स्कूल पूरी तरह जर्जर, करीब 17 स्कूल आंशिक रूप से जर्जर और करीब 8 स्कूल सुरक्षित पाए गए। जर्जर स्कूलों में पढ़ाई जारी रहना बच्चों के लिए जोखिम भरा था, इसलिए पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन के अनुसार करीब 79 जर्जर स्कूलों में से 63 स्कूलों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था पूरी कर ली गई है। इन स्कूलों को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त किया जाएगा। वहीं, लगभग 16 स्कूल ऐसे हैं जहां पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी, उसके बाद ही भवन को गिराया जाएगा। आंशिक रूप से खराब स्कूलों में सुरक्षा मानकों के अनुसार मरम्मत और प्रतिबंध लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी जोखिमपूर्ण भवन में पढ़ाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और जिम्मेदारी के साथ पूरी की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। देहरादून में बच्चों की सुरक्षा पर सख्ती: लगभग 79 जर्जर स्कूलों को गिराने का आदेश, ₹1 करोड़ का बजट मंजूर देहरादून जिले में छात्रों की जान को खतरे में डाल रहे जर्जर स्कूल भवनों पर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिले के लगभग 79 सरकारी स्कूलों को ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए एक करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है और जल्द ही काम शुरू करने की तैयारी है। जांच में सामने आया कि जिले के 104 स्कूलों का सर्वे कराया गया था, जिनमें से लगभग 79 स्कूल पूरी तरह खराब हालत में हैं। 17 स्कूल आंशिक रूप से जर्जर पाए गए हैं, जबकि लगभग 8 स्कूल सुरक्षित हैं। प्रशासन ने पहले ही शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे कि बच्चों को असुरक्षित भवनों में न पढ़ाया जाए। लगभग 79 में से 63 स्कूलों में वैकल्पिक पढ़ाई की व्यवस्था कर दी गई है, इसलिए इन्हें तुरंत गिराया जाएगा। बाकी 16 स्कूलों में पहले दूसरी जगह पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी, उसके बाद भवन ध्वस्त होंगे। आंशिक रूप से खराब स्कूलों में मरम्मत और सुरक्षा नियम लागू किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि हर कदम समय पर और जिम्मेदारी के साथ उठाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनहोनी न हो।