तिरुपति लड्डू विवाद में CBI की चार्जशीट के बाद फिर गरमाई सियासत, घी की मिलावट पर नए खुलासे

By Tatkaal Khabar / 30-01-2026 06:43:05 am | 32 Views | 0 Comments
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विजयवाड़ा | 30 जनवरी 2026 तिरुपति लड्डू विवाद को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की अंतिम चार्जशीट दाखिल होने के बाद एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। करीब 16 महीने पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था। उन्होंने तिरुपति के प्रसाद लड्डू को ‘पशु चर्बी’ से अपवित्र किए जाने का दावा किया था, जिससे धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। CBI के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम (SIT) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच पूरी करते हुए 23 जनवरी, 2026 को नेल्लोर की ACB अदालत में अंतिम चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में बड़े स्तर पर खरीद घोटाले और घी में गंभीर मिलावट की पुष्टि की गई है, लेकिन जांच में यह सामने आया कि घी में ‘पशु चर्बी’ नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार, लड्डू निर्माण में वनस्पति तेलों और प्रयोगशाला में तैयार किया गया सिंथेटिक घी इस्तेमाल किया गया था। इस मामले में 36 लोगों और फर्मों को नामजद किया गया है, जिन पर 2019 से 2024 के बीच करीब 234 करोड़ रुपये की साजिश रचने का आरोप है। चार्जशीट सामने आने के बाद भाजपा ने पूर्ववर्ती YSRCP सरकार पर तीखा हमला बोला। विजयवाड़ा में मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रवक्ता सादिनेनी यामिनी शर्मा ने कहा कि SIT ने साफ कर दिया है कि शुद्ध घी की जगह सिंथेटिक घी की सप्लाई की गई थी। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों श्रद्धालु उन लोगों को “न तो भूल सकते हैं और न ही माफ कर सकते हैं” जो इस मामले में शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान वेंकटेश्वर सब देख रहे हैं और सभी को अपने कर्मों का फल मिलेगा। वहीं, YSRCP के राज्यसभा सदस्य और पूर्व TTD चेयरमैन वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि CBI की अंतिम चार्जशीट से यह साफ साबित हो गया है कि तिरुमाला लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल किए गए घी में कोई पशु वसा या पशु से बनी सामग्री नहीं पाई गई। उनके अनुसार, इस रिपोर्ट ने पहले लगाए गए गंभीर आरोपों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच YSRCP महासचिव गडिकोटा श्रीकांत रेड्डी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बिना पुष्टि के लड्डू में ‘पशु चर्बी’ होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राजनीतिक लाभ के लिए किया गया और अब जबकि जांच में यह बात सामने आ चुकी है कि पशु वसा नहीं थी, तो मुख्यमंत्री को वेंकटेश्वर स्वामी के भक्तों से माफी मांगनी चाहिए। कुल मिलाकर, CBI की चार्जशीट ने भले ही घी में पशु चर्बी के दावे को खारिज कर दिया हो, लेकिन घी की मिलावट और बड़े पैमाने पर हुए घोटाले के आरोपों ने तिरुपति लड्डू विवाद को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। तिरुपति लड्डू विवाद: CBI की चार्जशीट के बाद फिर तेज हुई सियासी बहस तिरुपति लड्डू को लेकर चल रहे विवाद में CBI की अंतिम चार्जशीट दाखिल होते ही एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। करीब 16 महीने पहले मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के उस बयान से यह मामला सुर्खियों में आया था, जिसमें उन्होंने लड्डू को ‘पशु चर्बी’ से अपवित्र किए जाने का आरोप लगाया था। इस बयान के बाद देशभर में धार्मिक और राजनीतिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित CBI के नेतृत्व वाली SIT ने जांच पूरी कर नेल्लोर की ACB अदालत में चार्जशीट दाखिल की। रिपोर्ट में घी की गंभीर मिलावट की पुष्टि हुई है, लेकिन यह साफ किया गया कि इसमें ‘पशु चर्बी’ नहीं थी। जांच में सामने आया कि लड्डू बनाने में वनस्पति तेलों और प्रयोगशाला में तैयार किया गया सिंथेटिक घी इस्तेमाल हुआ। इस मामले में 36 लोगों और फर्मों को नामजद किया गया है। चार्जशीट के बाद भाजपा ने पूर्ववर्ती YSRCP सरकार को घेरा। भाजपा प्रवक्ता सादिनेनी यामिनी शर्मा ने कहा कि जांच से साफ हो गया है कि शुद्ध घी की जगह सिंथेटिक घी की सप्लाई की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल लोगों को श्रद्धालु “न भूल सकते हैं और न माफ कर सकते हैं” और भगवान वेंकटेश्वर सब देख रहे हैं। वहीं YSRCP नेताओं ने पलटवार किया। पूर्व TTD चेयरमैन वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने कहा कि CBI की रिपोर्ट से यह साबित हो गया है कि घी में कोई पशु वसा नहीं थी। पार्टी महासचिव गडिकोटा श्रीकांत रेड्डी ने मुख्यमंत्री नायडू से ‘पशु चर्बी’ वाले बयान पर माफी मांगने की मांग की। चार्जशीट के बाद साफ है कि मामला खत्म नहीं हुआ, बल्कि सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।