कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, वांछित विकास सिंह नरवे सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार

By Tatkaal Khabar / 27-01-2026 10:01:59 am | 83 Views | 0 Comments
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लखनऊ | 27 जनवरी 2026 उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार पर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने आजमगढ़ निवासी और इस मामले में वांछित विकास सिंह नरवे को सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को उसकी काफी समय से तलाश थी और गिरफ्तारी के बाद अब उससे पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क से जुड़ी और जानकारियां सामने आ सकें। यूपी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विकास सिंह नरवे कोडीन कफ सिरप के अवैध धंधे से जुड़े एक अहम कड़ी के रूप में सामने आया था। उसकी गिरफ्तारी से इस पूरे मामले की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई में सक्रिय था | इससे पहले इसी मामले में 12 मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल विनोद अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। क्राइम ब्रांच और कानपुर के कलक्टरगंज पुलिस ने उसे रविवार को हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से पकड़ा था। विनोद अग्रवाल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह फीलखाना थाना क्षेत्र के पटकापुर का रहने वाला है और मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स का संचालक बताया गया है। जांच में सामने आया है कि विनोद अग्रवाल पर 65 से ज्यादा फर्जी फर्म बनाकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान समेत 12 राज्यों में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने का आरोप है। खाद्य आयुक्त की चार टीमों ने बिरहाना रोड स्थित उसकी दुकान और कोपरगंज स्थित गोदाम पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये का कोडीन युक्त कफ सिरप और ट्रामाडोल टैबलेट्स बरामद की थीं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। कोडीन कफ सिरप तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, विकास सिंह नरवे सिद्धार्थनगर से पकड़ा गया कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में पुलिस ने आजमगढ़ के रहने वाले और लंबे समय से वांछित विकास सिंह नरवे को सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को उसकी काफी समय से तलाश थी और गिरफ्तारी को इस मामले में एक अहम सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विकास सिंह नरवे इस अवैध नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब उससे पूछताछ की जा रही है, जिससे पूरे गिरोह और सप्लाई चैन से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि इस धंधे में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है। इससे पहले इसी केस में 12 मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल विनोद अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया गया था। क्राइम ब्रांच और कानपुर के कलक्टरगंज पुलिस ने उसे हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से पकड़ा था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। विनोद अग्रवाल फीलखाना थाना क्षेत्र के पटकापुर का रहने वाला है और मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स का संचालक बताया गया है। जांच में सामने आया है कि विनोद अग्रवाल ने 65 से अधिक फर्जी फर्म बनाकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित 12 राज्यों में प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई की। खाद्य आयुक्त की चार टीमों ने बिरहाना रोड स्थित उसकी दुकान और कोपरगंज के गोदाम पर छापा मारकर करोड़ों रुपये का कोडीन युक्त कफ सिरप और ट्रामाडोल टैबलेट्स बरामद की थीं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है।