मणिकर्णिका घाट को लेकर सियासी टकराव: सपा का जोरदार प्रदर्शन, सांसद–विधायकों को रोका गया

By Tatkaal Khabar / 26-01-2026 01:53:40 am | 88 Views | 0 Comments
#

वाराणसी | 26 जनवरी 2026 वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के विकास और मंदिर से जुड़ी मूर्तियों को तोड़े जाने के आरोपों को लेकर रविवार को समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। घाट तक जाने पर अड़े सपा नेताओं और पुलिस के बीच दिनभर तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस ने कई सांसदों और नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया, कुछ को नजरबंद किया गया, जबकि एमएलसी को जबरन पुलिस वैन में बैठाने की तस्वीरें भी सामने आईं। इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में सियासी माहौल गरमा दिया। चंदौली से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह और बलिया के सांसद सनातन पांडेय को मणिकर्णिका घाट जाने से रोक दिया गया। इससे नाराज होकर वीरेंद्र सिंह अर्दली बाजार में धरने पर बैठ गए, जबकि सनातन पांडेय ने गाजीपुर में चार घंटे तक धरना दिया। इसी तरह मछलीशहर से सांसद प्रिया सरोज को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया। लहुराबीर क्षेत्र में रोके जाने पर सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस उन्हें घसीटते हुए पुलिस वैन तक ले गई। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। सपा का 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल पहले से तय कार्यक्रम के तहत सर्किट हाउस से मणिकर्णिका घाट जाने के लिए निकला था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने घर से घाट तक जगह-जगह रोक लगा दी। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच लुकाछिपी का दौर चलता रहा। वायरलेस सेट पर लगातार सपा कार्यकर्ताओं पर नजर रखने के निर्देश दिए जाते रहे। जगह-जगह से पकड़े गए सपाइयों को पुलिस वैन में बैठाकर घुमाया गया। कुल 18 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें देर रात जमानत पर रिहा किया गया। अंत में सांसद वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी आलोक वर्मा को सौंपा, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस पूरे मामले पर सियासत और तेज हो गई। भाजपा नेता और प्रदेश सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा ने हमेशा वाराणसी के विकास का विरोध किया है। उन्होंने मणिकर्णिका घाट के विकास कार्य को सही ठहराते हुए कहा कि 18 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे काम का विरोध अनुचित है। वहीं दूसरी ओर गाजीपुर के बिरनो स्थित क्यामपुर टोल प्लाजा पर धरने के दौरान नगरा थानाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा सांसद सनातन पांडेय के पैर छूने का वीडियो वायरल हो गया। कोई इसे शिष्टाचार बता रहा है तो कोई इसे प्रशासनिक मर्यादा से जोड़कर सवाल खड़े कर रहा है। मणिकर्णिका घाट पर सियासी घमासान: वाराणसी में सपा का प्रदर्शन, कई सांसद-नेताओं को रोका गया वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के विकास कार्य और मूर्तियों को तोड़े जाने के आरोपों को लेकर रविवार को समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन शहर की राजनीति का बड़ा केंद्र बन गया। सपा का प्रतिनिधि मंडल सर्किट हाउस से मणिकर्णिका घाट जाने के लिए निकला था, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोक लगा दी। इसके बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में तनाव की स्थिति बनी रही और प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया। चंदौली से सांसद वीरेंद्र सिंह को अर्दली बाजार में रोक दिया गया, जहां वे धरने पर बैठ गए। बलिया के सांसद सनातन पांडेय को भी मणिकर्णिका घाट जाने से रोका गया, जिसके बाद उन्होंने गाजीपुर में धरना दिया। जौनपुर की मछलीशहर से सांसद प्रिया सरोज को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। लहुराबीर क्षेत्र में सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा को रोके जाने पर वे धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस उन्हें जबरन वैन में बैठाकर ले गई। दिनभर वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच लुकाछिपी चलती रही। सुबह से शाम तक सपा नेताओं को जगह-जगह से पकड़ा गया और पुलिस वैन में बैठाकर घुमाया गया। कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जिन्हें देर रात जमानत पर रिहा कर दिया गया। चोलापुर थाना, लहुराबीर, अर्दली बाजार और सर्किट हाउस के आसपास माहौल तनावपूर्ण बना रहा। आखिर में सांसद वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी आलोक वर्मा को सौंपा, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस पूरे घटनाक्रम पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई। प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने सपा पर वाराणसी के विकास का विरोध करने का आरोप लगाया। वहीं गाजीपुर के बिरनो स्थित क्यामपुर टोल प्लाजा पर धरने के दौरान बलिया के नगरा थानाध्यक्ष द्वारा सांसद सनातन पांडेय के पैर छूने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मणिकर्णिका घाट, वाराणसी, चंदौली, बलिया, गाजीपुर और जौनपुर जैसे स्थानों से जुड़ा यह मामला फिलहाल प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।